- स्वास्थ्य विभाग के कुछ मठाधीशों पर लगाया गुमराह करने का आरोप
- बात नहीं बनी तो आईएमए को साथ लेकर सड़कों पर उतरने की चेतावनी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: फायर एनओसी के मुददा बुरी तरह से गरमा गया है। इसको लेकर प्राईवेट डाक्टरों की सीएमओ से ठन गई है। हालांकि प्राइवेट डाक्टरों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के कुछ पुराने मठाधीश सीएमओ को बरगलाने का काम कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि फायर एनओसी जारी कर उनके नवीनीकरण नहीं किए गए तो फिर इंडियन मेडिकल एसोिएसशन व नर्सिंगहोम एसोसिएशन को लेकर सड़कों पर उतरने से भी पीछे नहीं हटेंगे। स्वास्थ्य सेवाएं ठप्प कर दी जाएंगी।
कायम है गतिरोध
फायर एनओसी को लेकर स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ सरीखे अफसरों की प्राइवेट चिकित्सकों तथा निजी चिकित्सा संघों व नर्सिंगहोम एसोसिएशन से कई दौर की बातचीत हो चुकी है। लेकिन बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। फायर एनओसी के मुददे पर गतिरोध अभी भी कायम है।
कई जिलों में एनओसी जारी
नर्सिंगहोम एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डा. शिशिर जैन ने बताया कि सहारनपुर व गोरखपुर समेत कई जनपदों में स्वास्थ्य विभाग ने फायर एनओसी जारी कर नवीनीकरण कर दिए हैं। लेकिन मेरठ में अकारण ही इसको लेकर निजी चिकित्सकों को परेशान किया जा रहा है। डा. शिशिर जैन का कहना है कि जो रवैया स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का बना हुआ है उससे तो यही लगता है कि मेरठ उत्तर प्रदेश में है ही नहीं। यदि सहारपुर में स्वास्थ्य विभाग एनओसी जारी कर सकता है तो फिर मेरठ में क्या दिक्कत है।
मान रहे हैं निर्देशों को
मेरठ साउथ मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. संदीप जैन ने जानकारी दी कि प्रदेश के स्वास्थ्य महकमे की ओर से जा निर्देश जारी किए गए हैं उनका पालन किया जा रहा है। निजी चिकित्सक कुछ अलग से नहीं मांग रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के स्थानीय अधिकारियों को इसको प्रतिष्ठा का मुददा नहीं बनाना चाहिए। नर्सिंगहोम एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डा. शिशिर जैन ने बताया कि आन लाइन आवेदन में कहा गया है कि जो भी अग्नि शमन उपकरण यूज किए जा रहे हैं या लगवाए गए हैं उनकी फोटो आन लाइन आवेदन के साथ अपलोड कर दी जाए। जो भी चिकित्सक या नर्सिंगहोम संचालक फायर एनओसी के लिए आवेदन कर रहे हैं वो सभी ऐसा करने को तैयार हैं उसके बाद भी अडंगा लगाया जा रहा है।
यह कहना है डा. महेश बंसल का
फायर एनओसी के सवाल पर आईएमए के प्रदेश अध्यक्ष डा. महेश बंसल का कहना है कि जब सभी चिकित्सक फायर इक्यूपमेट अपलोड करने को तैयार हैं तो फिर अड़ंगा लगाना उचित नहीं। इससे टकराव की आशंका है।
यह कहना है डा. शिशिर जैन का
नर्सिंगहोम एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डा. शिशिर जैन का कहना है कि सीएमओ से कई दौर की बात की जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के कुछ स्टॉफ के कारण गतिरोध कायम है। यदि बात नहीं बनी तो फिर अन्य विकल्प भी खुले रखे गए हैं।
यह कहना है डा. संदीप जैन का
मेरठ साउथ मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. संदीप जैन का कहना है कि यदि सहारनपुर समेत अन्य जनपदों में प्राइवेट डाक्टरों को फायर एनओसी जारी की जा रही है तो फिर मेरठ में इसमें क्यों विध्न डाला जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग व प्राइवेट डाक्टर दोनों एक दूसरे के पूरक हैं। प्राइवेट डाक्टरों ने हमेशा ही संकटकाल में सरकार की मदद भी की है।

