नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। दिल्ली में छठ पूजा को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। बुधवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्षों से यमुना नदी पर छठ पूजा करने पर प्रतिबंध था, जिसे इस बार उनकी सरकार ने हटा दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष छठ पूजा को लेकर सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। दिल्ली में लगभग 17 स्थानों पर मॉडल छठ घाट बनाए जा रहे हैं, जहां सारी व्यवस्थाएं जैसे साफ-सफाई, लाइटिंग, पानी की व्यवस्था, मेडिकल सहायता, सुरक्षा आदि सरकार की ओर से सुनिश्चित की जाएंगी। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक 1000 से अधिक छठ पूजा कार्यक्रमों के लिए आवेदन आ चुके हैं।
प्रत्येक जिले और उप-जिले में कम से कम एक आदर्श छठ घाट बनाया जाएगा। भव्य स्वागत द्वार बनाए जाएंगे। छठ व्रतियों के लिए पूरी दिल्ली में जगह-जगह पर विशेष प्रबंध किए गए हैं। उन पर पुष्प वर्षा की जाएगी और उनका स्वागत किया जाएगा। समग्र धार्मिक माहौल को ध्यान में रखते हुए भोजपुरी और मैथिली भाषाओं में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
छठ पूजा की तैयारियों पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है कि हमारे श्रद्धालु स्वच्छ जल में खड़े होकर पूजा-अर्चना करें। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि इस त्योहार के सभी कार्यक्रम बिना किसी बाधा के संपन्न हों।
आज से एक विशेष स्वच्छता अभियान शुरू होगा, जिसमें हमारे सभी जनप्रतिनिधि – सांसद, विधायक और पार्षद अपने-अपने क्षेत्रों में उन सभी घाटों पर जाएंगे जहां छठ पूजा होनी है और विशेष स्वच्छता अभियान चलाएंगे।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता कहती हैं कि 2021 में दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक अवज्ञा के लिए धारा 188 आईपीसी के तहत यमुना नदी पर छठ मनाने गए कुछ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। पिछली सरकारों द्वारा जो भी एफआईआर या मामले दर्ज किए गए थे, हम अपनी सरकार के तहत उन सभी शिकायतों को वापस लेंगे, और हम उन सभी मामलों को वापस लेंगे।
राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता पर दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता कहती हैं, “हम सभी ने आंकड़े देखे हैं। अगर हम दिवाली के अगले दिन के आंकड़ों (AQI) की तुलना पिछली सरकारों से करें, तो संख्या में कमी आई है। हालांकि पटाखे फोड़ने की अनुमति दी गई थी, लेकिन दिवाली और अगले दिन के बीच का अंतर (AQI) कम हुआ है, जो प्रदूषण में कमी का संकेत है। सरकार दिल्ली के लिए जो भी संभव है, कर रही है…”

