Friday, March 13, 2026
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कंपनी ब्लैक लिस्ट, फिर भी नहीं हटे ठेकेदार के चहेते !

  • एसीईओ ने पकड़ी आउटसोर्स कर्मियों की ड्यूटी में चल रही धांधली !

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: आउटसोर्स से कंपनी ब्लैक लिस्ट कर दी गयी, लेकिन कंपनी के कारिंदे कैंट बोर्ड के कर्मचारी बने रहे। वहीं, दूसरी ओर आउटसोर्स पर लेबर आपूर्ति करने वाले शार्क कंपनी के ठेकेदार की सिक्योरिटी रिलीज किए जाने को लेकर कैंट बोर्ड में तूफान मचा हुआ है। नियम विरुद्ध सिक्योरिटी की रकम रिलीज कर दिए जाने के मामले में कई कर्मचारी फंस गए हैं।

वहीं यह भी पता चला है कि आउटसोर्स लेबर की ड्यूटी के मामले में भारी धांधली हुई है। एसीईओ द्वारा यह धांधली पकड़ लिए जाने की बात भी अपुष्ट सूत्रों ने बतायी है।

ये कहता है नियम

नियम के अनुसार आउटसोर्स ठेकेदार की ओर से जमा की गयी सिक्योरिटी को तभी रिलीज किया जा सकता है। जब उसके द्वारा ड्यूटी पर लगाए गए आउटसोर्स कर्मचारियों से काटी गयी ईपीएफ की रकम को सरकारी खजाने में जमा करा दिया जाए। इसकी बाकायदा रसीदें होती हैं। अपुष्ट सूत्रों ने जानकारी दी है कि आउटसोर्स कर्मचारियों से ईपीएफ की रकम काटी तो गयी, लेकिन उसको सरकारी खजाने में जमा कराए जाने की रसीदें नहीं जमा करायी गयीं।

कैसे रिलीज कर दी गयी सिक्योरिटी

आउटसोर्स ठेकेदार की सिक्योरिटी राशि कैसे रिलीज कर दी गयी। इसको लेकर कैंट बोर्ड में भूचाल आया हुआ है। इस मामले में कुछ कर्मचारियों से पूछताछ की गयी है। जानकारों के अनुसार यह कृत्य सरकार के खिलाफ राजस्व अपराध की श्रेणी में किया गया संज्ञेय अपराध है।

ड्यूटी में भी भारी घोटाला

आउटसोर्स कर्मचारियों के ड्यूटी में भी भारी घोटाले की बात सुनने में आ रही है। बताया जाता है कि इस घोटाले का पर्दाफाश किसी अन्य ने नहीं बल्कि एसीईओ ने किया है। आउटसोर्स के नाम पर चल रहे खेल की जानकारी एसीईओ तक पहुंचाने का काम उनके आवास पर लगायी गयी किसी महिला कर्मचारी द्वारा किया गया बताया जाता है। अपुष्ट सूत्रों की मानें तो उक्त महिला आउटसोर्स ने कर्मचारियों की ड्यूटी को लेकर अब तक जितना भी घपला घोटाला चल रहा था उसकी कलई खोल कर रख दी। इस महिला ने यह तक बता दिया बताया जाता है कि जूनियन प्रशासनिक लिपिक पूरन ने अपने कुछ करीबियों को ठेकेदार से मिलीभगत कर एडजेस्ट करा दिया है।

खुलासे के बाद ड्यूटी व्यवस्था में बदलाव

आउटसोर्स ड्यूटी घोटाले के खुलासे के बाद पता चला है कि कर्मचारियों की ड्यूटी का मस्टरोल भरने की जिम्मेदारी अब अलग-अलग लोगों को दी गयी है। ये काम अब इंजीनियरिंग सेक्शन हेड, सीएबी के प्राधानाचार्य व कैंटोनमेंट हॉस्पिटल के आरएमओ किया करेंगे।

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