- नहीं हो रही आरोपियों पर कार्रवाई, जांच दबाने में लगे अधिकारी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: राशन डीलर ने फर्जी यूनिट का इस्तेमाल कर प्रदेश सरकार को लाखों रुपये का चूना लगाया। हद तो तब हो गई जब विभाग ने उन फर्जी यूनिट को राशन कार्ड से काट दिया, लेकिन पिछले कई सालों तक उन यूनिटों पर दिये गये राशन की कोई जानकारी नहीं ली।
इस मामले में मुख्यमंत्री तक शिकायत की जा चुकी है, लेकिन विभागीय अधिकारी जांच को दबाने में लगे हुए हैं। शिकायतकर्ता ने अब इस मामले में क्राइम ब्रांच से शिकायत कर मामले की जांच करने की मांग की है।
रशीद नगर निवासी शिकायत कर्ता अहसान पुत्र मुमताल अली ने क्राईम ब्रांच को दिये ज्ञापन में आरोप लगाया कि रशीद नगर में हनीफ अलवी नाम का राशन विक्रेता है। जिसकी दुकान वर्ष 2018 में हुए राशन घोटाले में निरस्त हो चुकी है, लेकिन आरोप है यह दुकान अभी भी हनीफ अलवी और उसका पुत्र चला रहे हैं जिसमें विभागीय अधिकारी भी संलिप्त हैं।
इन्होंने फर्जी यूनिट के जरिये विभाग को अभी तक शासन को लाखों रुपये का चूना लगाया है। जनता को दिये जाने वाला राशन यह फर्जी यूनिट के सहारे बाजार में बेचकर खा गये। अहसान ने बताया कि यह दुकान निरस्त होने के बाद नबीबन बेगम तारापुरी पर अटैच कर दी गई, लेकिन दुकान अटैच नहीं हुई इसे हनीफ अलवी ही चलाता रहा। शिकायत कर्ता का आरोप है कि हनीफ अलवी की दुकान पर 15 फरवरी 2020 तक विभाग की ओर से यहां दुकान के 109 कार्ड और 1351 यूनिट फर्जी मानकर काटी।
अखलाक के 31 कार्ड सहित 351 यूनिट 12 फरवरी 2020 से लेकर 15 फरवरी 2021 तक काट दिये गये। जिन पर प्रत्येक माह लाखों रुपये का राशन दिया, लेकिन विभाग की ओर मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि यह यूनिट खुद दुकानदार ने दुकान बचाने को अधिकारियों से मिलकर कटवाई, लेकिन अधिकारियों ने यह यूनिट तो काट दी।
पूरे साल इन यूनिट पर दिये जाने वाले राशन की रिकवरी नहीं की। जांच को अधिकारी दबाने में जुटे हैं। आरोप है कि दुकानदार ने परिवार के कई लोगों के कार्ड फर्जी तरीके से भी बना रखे हैं। आरोप लगाया कि एरिया थर्ड के अधिकारी और खुद के निजी कर्मचारी भी इसमें संलिप्त हैं। उसके बावजूद जांच नहीं की गई। जिससे उनकी ओर से 23 फरवरी को एक ज्ञापन क्राइम ब्रांच को भेजकर मामले की जांच कराये जाने की मांग की गई है। वहीं विभागीय अधिकारी भी मानते हैं कि उनकी ओर से समय-समय पर फर्जी यूनिट काटी जा रही हैं। इनकी जांच भी कराई जा रही है।

