
देश की राजनीति में विपक्षी एकता की चर्चा कोई नया मुद्दा नहीं है। गाहे-बगाहे और थोड़े-थोड़े अंतराल पर इसकी चर्चा भी सुनाई देती रहती है। वास्तव में विपक्ष के किसी नेता को जब अपना राजनीतिक कद और किरदार बढ़ने या ऊंचा होने का गुमान होता है तो वो विपक्षी एकता का राग ऊंचे स्वर में गाने लगता है। वर्तमान में विपक्षी एकता का सदाबहार राग का गान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कर रहे हैं। वो अलग बात है कि जिन्हें वो ये राग सुनाना चाहते हैं, वो आधे अधूरे मन से ही उनका राग सुन रहे हैं। इसका संकेत तब मिला जब 12 जून को पटना में होने वाली विपक्षी दलों की बैठक को टालना पड़ा।