जनवाणी ब्यूरो |
शामली: उप्र कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष और शामली विधानसभा के पूर्व विधायक पंकज मलिक ने कहा कि बुनकरों की समस्याओं को कांग्रेस पार्टी प्रारंभ से ही प्रमुखता से उठाती रही है। प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू द्वारा उठाई गई बुनकरों की समस्याओं में से कुछ को प्रदेश सरकार ने मान लिया है।
उप्र कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष तथा पश्चिमी जोन के प्रभारी पूर्व विधायक पंकज मलिक ने बताया कि गत मई माह में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा था कि पूरे प्रदेश में एक बड़ी आबादी बुनकरी से जुड़ी हुई है। इस महामारी में उनका पूरा कारोबार चौपट हो गया है।
हैंडलूम और इनके कारखाने बंद पड़े हैं। न ही उत्पादन हो रहा है और न कोई बिक्री। इनके ऊ पर बैंकों का भारी कर्ज है। बिजली का बिल भुगतान करने की स्थिति नहीं है। बुनकरों को तत्काल राहत पहुंचाने की जरूरत है। बुनकरों के बिजली के बिल माफ किया जाए और प्रत्येक बुनकर परिवार को प्रतिमाह 12 हजार रुपये क्षतिपूर्ति राशि दिया जाए।
पश्चिमी जोन प्रभारी पंकज मलिक के अनुसार, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू तथा विधायक तमकुहीराज ने नियम 51 के तहत शुक्रवार को बुनकरों की समस्याएं सदन में प्रमुखता से उठाई। अजय कुमार लल्लू ने नियम 51 के तहत सवाल उठाते हुए कहा कि बुनकरों के बिजली का बिल किसानों की भांति फिक्स किया जाए।
प्रति हैंडलूम विद्युत दर पूर्व की भांति न्यूनतम निर्धारित किया जाए। करघा इकाइयों को अपग्रेड किया जाए। जिससे पूर्वांचल में कॉटन उत्पादों का निर्माण हो सके। कॉटन उद्योग के प्रोडक्शन को बढ़ावा देने के लिए अनुदान देकर साइजिंग प्लान्ट लगाए जाएं।
जौनपुर, मगहर, बाराबंकी, अकबरपुर, अमरोहा, मऊ, गाजीपुर के बंद पड़े करघा मिलों को फिर से शुरू किया जाए। साथ ही, साथ वाराणसी, गोरखपुर, टाण्डा, मऊ और सन्तकबीर नगर जैसे बड़े बुनकर क्षेत्रों को इंडस्ट्रियल एरिया घोषित कर वहां बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए।
पूर्व विधायक पंकज मलिक ने प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के हवाले से बताया कि सरकार साझे संघर्ष की वजह से बुनकर भाइयों की फिक्स बिजली की मांग को सरकार ने जुलाई तक स्वीकार कर लिया है। आगे आम सहमति से योजना बनाने का आश्वासन दिया गया है। पश्चिमी जोन प्रभारी पंकज मलिक ने कहा कि कांग्रेस बुनकरों की समस्याओं को समाधान होने तक प्रमुखता से उठाती रहेगी।

