जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: वाराणसी में कांग्रेस नेताओं पर दर्ज मुकदमे के विरोध में सहारनपुर के कांग्रेस पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा। ज्ञापन में प्रदेश सरकार पर लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का आरोप लगाते हुए मांग की गई कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय सहित अन्य नेताओं के खिलाफ 10 जुलाई 2025 को सिगरा थाने में दर्ज मुकदमा तत्काल निरस्त किया जाए।
ज्ञापन में कहा गया कि काशी केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक आत्मा का केंद्र है। सावन जैसे पवित्र माह में भी वहां की जनता और श्रद्धालु जलभराव, सीवर जाम, यातायात अव्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही से परेशान हैं। इन समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए कांग्रेसजन वाराणसी में शांतिपूर्ण पदयात्रा कर रहे थे। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि जनप्रतिनिधियों की आवाज को दबाना लोकतंत्र की हत्या और प्रशासनिक अमानवीयता का प्रतीक है।कांग्रेस पदाधिकारियों ने दावा किया कि सरकार जनआक्रोश और वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए फर्जी मुकदमे दर्ज कर रही है। ज्ञापन में राज्यपाल से संवैधानिक प्रमुख के नाते तत्काल हस्तक्षेप कर मुकदमा रद्द करने की मांग की गई। ज्ञापन सौंपने वालों में जिला अध्यक्ष संदीप सिंह राणा, उपाध्यक्ष बरुण शमी, नलीन खान, मयंक शर्मा, प्रभजीत सहित अन्य शामिल रहे।पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार दमनकारी कार्रवाई नहीं रोकती, तो कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेशव्यापी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

