- दवाइयां न मिलने से परेशान थे मरीज
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: टीबी के मरीजों के लिए यह खबर राहत देने वाली है। जिला अस्पताल स्थित टीबी सेंटर में शनिवार को टीबी की दवाइयों की एक खेप पहुंच गई। दवाइयों के परेशान हजारों मरीजों को अब दवाइयों का वितरण किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 2025 तक प्रदेश को टीबी मुक्त करने को मुहिम चलाई जा रही है। इस मुहिम में जहां लोगों को टीबी के प्रति सचेत किया जा रहा है, वहीं मरीजों को टीबी सेंटर पर उपचार कराने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
जिला अस्पताल में टीबी के संदिग्ध मरीजों की जांच नि:शुल्क की जाती है और उन्हें दवाई भी नि:शुल्क दी जाती है। नि:क्षय पोषण योजना के तहत पंजीकृत क्षय रोगियों को इलाज पूरा होने तक पोषण के लिए डीबीटी के माध्यम से 500 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक मदद भी दी जाती है। जिले में टीबी के लगभग 12 हजार मरीज हैं। इनमें करीब 80 प्रतिशत मरीजों का उपचार सरकारी टीबी सेंटर में किया जा रहा है।
बीस प्रतिशत मरीज प्राइवेट चिकित्सकों से इलाज करा रहे हैं। जिला टीबी सेंटर को शासन से टीबी के मरीजों के लिए दवाई उपलब्ध कराई जाती है। पिछले माह शासन से दवाइयां न मिलने से यह व्यवस्था बुरी तरह लड़खड़ा गई थी। टीबी सेंटर पर दवाइयों को टोटा हो गया था। दवाई का संकट होने पर शासन ने बाजार से 2 डी व 3 डी कॉम्बीनेशन किट खरीदने के निर्देश दिए, लेकिन उक्त दवाई बाजार में भी शार्ट हो गई,
जिससे टीबी के मरीज दवाइयों के लिए इधर उधर भटकते रहे। दवाइयां समय पर न मिलने पर इलाज का रूटीन टूट जाता है तो मरीज को पुन: नए सिरे से दवाइयों का पूरा कोर्स करना पड़ता है। ऐसे में यहां टीबी के और अधिक फैैलने का खतरा भी खड़ा हो गया। शनिवार को जिला टीबी सेंटर पर दवाइयों की एक खेप पहुंची। इनमें 40 पेटियों में दवाइयां पहुंची। अब इनको मरीजों में वितरित किया जाएगा।
टीबी की दवाई मिली हैं: सीएमओ
सीएमओ डा. अखिलेश मोहन का कहना है कि शासन से टीबी की दवाई की सप्लाई में बाधा आ रही थी। बाजार से दवाइयां लेकर मरीजों को वितरित की गर्इं। अब शासन से दवाइयां प्राप्त हो गई है। इनका वितरण मरीजों को किया जाएगा।

