- खाताधारक आम बैंक की तरह ही कर सकेगा आरटीजीएस
- मुख्य डाकघर और उप डाकघर सहित जिले के सभी डाकघरों को मिलेगा लाभ
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: अब डाकघर के इंडियन पोस्टल बैंक के खाताधारकों को डाक विभाग बड़ी राहत देने जा रहा है। विभाग जल्द ही डाकघरों का आइएफएससी कोड (इंडियन फाइनेंसियल सिस्टम कोड) जारी करने जा रहा है।
इसके बाद डाकघरों के खातों को बैंक खातों से जोड़ना आसान हो जाएगा। ऐसा हो जाने के बाद डाक खाताधारकों को बैंक में रकम स्थानांतरित करने के लिए नकद राशि निकालने की जरूरत नहीं पड़ेगी। खाताधारक आम बैंक की तरह ही आरटीजीएस कर सकेगा। नगर के मुख्य डाकघर व उप डाकघर सहित जिले के सभी डाकघरों को इसका लाभ मिलेगा। इसका सबसे ज्यादा लाभ ग्रामीण डाकघरों को मिलेगा जो आज भी कोर बैंकिंग से नहीं जुड़ पाए हैं।
अभी तक इन डाकघरों के खाताधारकों को बैंकों में रकम स्थानांतरित करने के लिए निफ्ट और आरटीजीएस की सुविधा नहीं मिल सकी है। बजट के प्रविधान से जल्द यह सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी, इससे खाताधारकों को रकम स्थानांतरित करने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। गांवों के शाखा डाकघर यदि कोर बैंकिंग से जुड़ जाएंगे तो डाक विभाग गांव-गांव में सीधे तौर पर बैंकिंग सेवा दे सकेगा।
फिलहाल डाकियों के जरिए यह सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है। वह मोबाइल फोन से ग्राहकों को बैंकिंग सुविधा दे रहे हैं। डाक अधीक्षक ने बताया कि केंद्र सरकार ने डाकघरों को बैंकों से जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। निर्देश मिलते ही प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा। इस प्रक्रिया के बाद डाक खाता भी बैंक खातों की श्रेणी में आ जाएगी। उन खातों से भी वह सुविधाएं मिलने लगेंगी, जो बैंक खातों से मिलती हैं।

