जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: भारत में हर त्यौहार को बहुत ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। वैसे तो सभी लोग त्यौहारों को लेकर उत्सुक रहते हैं लेकिन बच्चों का उत्साह सबसे अलग स्तर का होता है। होली के मौके पर तो बच्चे किसी की नहीं सुनते। रंग से खेलना, पिचकारी, गीला रंग, यह सब लगभग हर बच्चे को पसंद होता है। अक्सर अभिभावक बच्चों को कुछ बातों के लिए मना भी करते हैं लेकिन बच्चे मनमौजी होते हैं, करते वही हैं जो उन्हें पसंद होता है।
ऐसे में कोरोना और ओमिक्रान के खतरे के बीच होली का पर्व मनाने को लेकर अभिभावक चिंतित हो सकते हैं। अधिकतर अभिभावक चाहेंगे कि संक्रमण से बचाव के लिए उनके बच्चे होली न खेलें, लेकिन बच्चों को समझाना आसान नहीं। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा तो अभिभावकों की प्राथमिकता हो सकती है लेकिन त्योहार से दूर करना भी सही नहीं। कोरोना के खतरे के बीच कुछ बातों को ध्यान में रख कर बच्चों को होली में सुरक्षित रखा जा सकता है।
अगर बच्चे होली खेलने की जिद करें तो पानी या रंग के बजाए घर पर ही उनके साथ फूलों की होली खेली जा सकती है। बच्चों के लिए रंग बिरंगे फूल ले आएं और उन्हें घर पर आराम से फूलों के साथ खेलने के लिए प्रोत्साहित करें। इससे बच्चों को होली में कुछ नया करने को भी मिलेगा। घर भी अधिक गंदा नहीं होगा और होली के बीच कोरोना के खतरे से बचाव होगा।
होली खेलने के लिए बच्चों को नए तरीके के बारे में बताएं। एक दूसरे को रंग लगाने, पानी से होली खेलने या बाहर दूसरे बच्चों या दोस्तों संग होली खेलने जाने देने के बजाए आप रंगों से दूसरे एक्टिविटी के बारे में उन्हें बता सकते हैं। जैसे कलर बॉक्स में रंग भरने, अच्छी कलरिंग करने के लिए प्रोत्साहित करें और इसपर तोहफे देने का भी लालच दें।
कोरोना काल में वर्चुअल एक्टिविटी काफी बढ़ गई। होली को भी वर्चुअल तरीके से मनाया जा सकता है। इसके लिए होली में बच्चे की उनके दोस्तों के साथ वीडियो कॉल के जरिए बात करवाएं। अपने दोस्तों को देख आपका बच्चा भी खुश हो जाएगा और होली के मौके पर वह वर्चुअल तरीके से अन्य बच्चों के साथ व्यस्त रहेंगे।
होली खेलने के लिए बच्चे उत्सुक तभी होंगे जब वह फ्री रहेंगे। लेकिन अगर आप होली के अन्य कामों में उन्हें व्यस्त रखेंगे और उन्हें ऐसे कामों में मजा आने लगेगा तो रंग खेलने से ज्यादा वह घर के कामों को एंजॉय कर सकेंगे। ऐसे में आप घर के कामों में उन्हें उलझा सकते हैं। उन्हें कोई जिम्मेदारी दें ताकि खुशी खुशी वह उस काम में व्यस्त हो जाएं।

