- सरकारी सड़क पर भी पार्किंग माफियाओं का कब्जा
- ठेका छूटा नहीं, इसके बावजूद शुरू हो गई पार्किंग
- पुलिस की मिलीभगत से चल रही अवैध पार्किंग
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: अभी पार्किंग के ठेके छूटे भी नहीं की अवैध पर्किंग का कारोबार शुरू हो चुका है। यहां पीवीएस पर नगर निगम की ओर से केवल एक स्थान पर ही पार्किंग का ठेका छोड़ा जाना है, लेकिन यहां पार्किंग ठेकेदार ने सरकारी जमीन पर सर्विस रोड पर ही पार्किंग शुरू कर दी है।
कारों को सर्विस रोड पर खड़ा कराया जा रहा है और एक कार के पार्किंग के 50 रुपये तक वसूले जा रह हैं। इस अवैध पार्किंग में ठेकेदार के साथ यहां की पुलिस भी मिली है, क्योंकि पुलिस चौकी चंद कदमों की दूरी पर ही और उसकी ओर से कोई कार्रवाई तक नहीं की जाती। सबसे बड़ी बात तो यह है कि यह पार्किंग अवैध रूप से चल रही है।
बता दें कि नगर निगम की ओर से शहर में 18 जगहों पर पार्किंग के ठेके छोडेÞ गये हैं। इसकी प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। इनमें से एक पीवीएस के पास ही बड़ौदा बैंक के सामने वाली पार्किंग का ठेका भी है, लेकिन अभी तक यहां ठेका छूटा भी नहीं है और पार्किंग ठेकेदार ने अवैध पार्किंग शुरू कर दी है।
यहां पार्किंग ठेकेदार द्वारा सर्विस रोड पर बीचोबीच वाहन खड़े कराये जा रहे हैं। जिस कारण यहां सर्विस रोड पर किसी अन्य वाहन के निकलने तक को जगह नहीं बचती है। ठेकेदार की ओर से यह पिछले कई माह से लगातार किया जा रहा है, लेकिन पुलिस भी इस ओर आंखे मूंदे बैठी है। जबकि सरकारी जमीन पर अवैध रूप से पार्किंग चलाना कानूनन अपराध है।
प्रतिदिन वसूले जा रहे हजारों रुपये
यहां सर्विस रोड पर एक कार को खड़े करने के लिये पार्किंग ठेकेदार 50 रुपये प्रति कार वसूल रहा है और बकायदा इसकी पर्ची भी काटकर दी जा रही है। सर्विस रोड पर कोई वाहन नहीं खड़ा किया जा सकता है, लेकिन पार्किंग ठेकेदार अवैध रूप से यहां वाहनों को खड़ा कराता है।
पहले एक घंटे के लिये 50 रुपये और इसके बाद प्रतिघंटा चार्ज बढ़ता जाता है और यह सब तब है। जब यहां पार्किंग का स्थान नहीं है। इसके अलावा टू व्हीलरों को भी चौकी की पीछे खड़ा करवा दिया जाता है, लेकिन इस पर भी कोई कार्रवाई पुलिस नहीं करती है। जबकि यहां सर्विस रोड केवल आम लोगों के लिये यह वाहनों को खड़ा करने के लिये नहीं है।
अभी केवल चार जगह पर होनी थी पार्किंग
नगर निगम की ओर से 18 जगहों पर पार्किंग के ठेकों के लिये टेंडर लिये गये हैं। जिनमें कागजों का सत्यापन चल रहा है। इनमें केवल चार स्थान मिमहेंस अस्पताल, बेगमपुल, सूरजकुंंड और मेरठ कालेज शामिल है। जहां पर पार्किंग चल सकती है, लेकिन शहर में पार्किंग ठेकेदार अवैध रूप से अपनी मनमर्जी से कहीं भी पार्किंग ठेका चलाये जा रहे हैं। यहां पीवीएस, विशाल मेगामार्ट समेत कई जगहों पर अवैध रूप से पार्किंग कराई जा रही है।
पार्किंग ठेकों को निगम ने कम किये रेट
नगर निगम की ओर से पार्किंग ठेकों के लिये टेंडर की तिथि बढ़ा दी गई है। अब इच्छुक लोग शहर में 18 जगहों पर पार्किंग का ठेका लेने के लिये 28 अप्रैल तक टेंडर डाल सकते हैं। इसकी तिथि को अब आगे बढ़ा दिया गया है। साथ ही पार्किंग ठेकों के शुल्क में भी कमी कर दी गई है। अब नई दरों के साथ ठेका छोड़ा जायेगा।
नगर निगम की ओर से शहर में 18 जगहों पर पार्किंग के ठेके छोड़े जाने हैं। इनमें तिलक हॉल पुस्तकालय एवं वाचनालय घंटाघर, सूरजकुंड पार्क, बेगमपुल चौराहे पर नाले किनारे दयानंद अस्पताल तक, मिमहेंस हॉस्पिटल, देशी बाइट एचडीएफसी बैंक, एलएफसी हनी हाइट, शिव चौक तिराहा सरधना रोड, यूको बैंक पीवीएस रोड समेत 18 जगहों का पार्किंग का ठेका छोड़ा जाना है।
इसमें टेंडर दिये जाने की आखिरी तिथि 18 अप्रैल थी। जिसे पहले बढ़ाया गया था, लेकिन अब टेंडर की दरों को फिर से कम करके एक बार फिर से तिथि को बढ़ा दिया गया है। अब इच्छुक लोग 28 तारीख तक टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा ले सकते हैं। नगर निगम की ओर से अब इसके शुल्क में भी कमी कर दी गई है।

