Friday, February 20, 2026
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परिषदीय बाबुओं को देना होगा टाइपिंग टेस्ट

  • बीएसए कार्यालय में नियुक्त, 2016 के बाद मृतक आंश्रितों कोटा से भर्ती लिपिकों को देना होगा टाइपिंग टेस्ट
  • इससे पहले भर्ती हुए लिपिकों का भी कभी नहीं हुआ टाइपिंग टेस्ट

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: शासन ने 2014 में आदेश जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि जितने भी लिपिक मृतक आश्रित कोटे से 2016 के बाद नियुक्त हुए है, उनका टेस्ट होगा। साथ ही जो लिपिक टाइपिंग नहीं जानते, उन्हें एक साल का समय दिया गया था टाइपिंग सीखने के लिए। अब फिर से मुख्य विकास अधिकारी द्वारा आदेश जारी हुआ है। जिसमें बाबुओं को अपना टाइपिंग टेस्ट देना होगा।

गौरतलब है कि लिपिकों की भर्ती के दौरान नियमों के अनुसार टाइपिंग जरूरी है, लेकिन कभी भी इनका टाइपिंग टेस्ट नहीं हुआ है। हालांकि इस समय 2016 के बाद भर्ती हुए मृतक कोटे से भर्ती लिपिकों का टेस्ट होने की बात सामने आ रही है, लेकिन यह सोचने वाली बात है कि जितने भी परिषदीय लिपिक है। उनका कभी भी टाइपिंग टेस्ट नहीं हुआ है।

इनमें 2016 से पहले भर्ती हुए लिपिक भी शामिल है, अब प्रशासन ने लिपिकों का टाइपिंग टेस्ट कराने को कहा है। जिला बेसिक शिक्षा विभाग कार्यालय में इस समय कुल पांच लिपिक ऐसे है जिन्होंने 2016 के बाद नियुक्ति पाई थी, लेकिन इनका अभीतक भी टाइपिंग टेस्ट नहीं हुआ है।

इनके नाम अंकित अग्रवाल, विपुल अग्रवाल, सोनू, पुष्पा व समद है। इन पांचों लिपिकों को जल्दी ही टाइपिंग टेस्ट देना होगा। जल्दी ही आईटीआई से एक टीम इन लिपिकों का टेस्ट लेने पहुंचेगी।

मुख्य विकास अधिकारी ने जारी किया पत्र

मुख्य विकास अधिकारी शशांक चौधरी द्वारा एक पत्र जारी किया गया है। जिसमें जिले के सभी विभागों में मृतक आश्रित कोटे से नियुक्त लिपिकों को टाइपिंग टेस्ट देना होगा। जिसमें बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के भी बाबू शामिल है। यह पत्र एडी बेसिक को जारी किया गया है जिसके बाद जल्द ही बीएसए कार्यालय के लिपिकों का टेस्ट होने जा रहा है।

2014 में भी शासनादेश हुआ था जारी

2014 में एक शासनादेश जारी हुआ था, जिसमें कहा गया था कि 2016 के बाद जितने भी परिषदीय लिपिकों की नियुक्ति होगी उन्हें टाइपिंग आना अनिवार्य है। जिन लिपिकों को टाइपिंग नहीं आती है, उन्हें एक साल का समय दिया गया था टाइपिंग सीखने के लिए। अब प्रशासन ने जानकारी मांगी है कि ऐसे लिपिकों ने आदेश का पालन किया है या नहीं। साथ ही जितने भी परिषदीय लिपिक है, उन्हें अपना टाइपिंग टेस्ट देना होगा।

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