Friday, March 13, 2026
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काउंसिंलिंग सिर पर, मार्कशीट पास नहीं

  • बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा में सीसीएसयू फाइनल ईयर के छात्रों ने लिया था भाग
  • फाइनल की चल रही परीक्षा, ऐसे में परिणाम आने में लग सकती है देरी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिणाम जारी करने के पश्चात् बीएड में प्रवेश का इंतजार कर रहे छात्र-छात्राओं को अब काउंसिंलिंग का डर सताने लगा है। क्योंकि सीसीएसयू से संबंधित यूजी-पीजी अंतिम वर्ष की परीक्षाएं अक्टूबर तक चलेगी। जिससें की परीक्षा परिणाम व मार्कशीट आने में एक माह का समय लग सकता है।

वहीं, सूत्रों के अनुसार सितंबर के आखिरी तक बीएड की काउंसिंलिंग कराई जा सकती है। ताकि सभी छात्र-छात्राओं के बीएड में प्रवेश हो सके, लेकिन काउंसिंलिंग में भाग लेने के लिए अंतिम वर्ष की मार्कशीट की आवश्यकता पडेÞगी। इसी बात को लेकर छात्र-छात्राओं में असमजस की स्थिति बनी हुई हैं। क्योंकि अभी तक के नियम के अनुसार बिना मार्कशीट के काउंसिंलिंग में प्रतिभाग करना असंभव है।

काउंसिंलिंग के नियमों में अटक न जाए भविष्य

कोविड-19 संक्रमण के बीच जब बीएड प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई थी। तो सभी छात्र-छात्राओं ने अपने भविष्य को देखते हुए संयुक्त प्रवेश परीक्षा में प्रतिभाग किया था। वहीं, लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा परिणाम जारी करने के पश्चात् छात्र-छात्राएं काउंसिंलिंग के पूर्व में निर्धारित नियमों से परेशान है क्योंकि वर्तमान के नियमानुसार छात्र-छात्राओं को अपनी फाइनल की मार्कशीट लगाने आवश्यक होती है। ऐसे में छात्र-छात्राओं को डर है कि कहीं संक्रमण के बीच में जो खतरा उठाकर परीक्षा दी थी, उनकी ये मेहनत बेकार न जाए।

काउंसिंलिंग में मिले राहत तो सुधरे भविष्य

लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा अगर काउंसिंलिंग के नियम में छात्र-छात्राओं को थोड़ी राहत प्रदान की जाएगी। सभी छात्र-छात्राओं के प्रवेश हो पाएंगे। दरअसल, हर बार बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा से पूर्व सभी छात्र-छात्राओं का परीक्षा परिणाम आ जाता था, लेकिन इस बार कोविड-19 के कारण यूजी-पीजी के छात्र-छात्राओं की बीच में स्थगित हुई परीक्षाएं निर्धारित समय से चार माह से लेट शुरू हुई है। जिस कारण बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा में भी प्रतिभाग करने के बाद भी छात्र-छात्राएं अपने एडमिशन को लेकर परेशानी में दिख रहे हैं। बता दें कि नौ अगस्त को आयोजित हुई परीक्षा में उत्तर प्रदेश में 73 जिलों के 1089 परीक्षा केंद्रों पर साढेÞ तीन लाख परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी थी। परीक्षा के लिए कुल पांच लाख परीक्षार्थी पंजीकृत थे। जिसमें से सिर्फ परीक्षा के समय 83 प्रतिशत परीक्षार्थी उपस्थित रहे थे।

जल्द ही जारी होगी काउंसिंलिंग की जानकारी

कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय के अनुसार आॅनलाइन आफ-कैम्पस काउंसिंलिंग प्रक्रिया की सम्भावित तिथि एवं काउंसिंलिंग सम्बन्धित अन्य सम्पूर्ण विवरण वेबसाइट पर शीघ्र ही प्रदर्शित कर दिया जायेगा। अभ्यर्थियों को विभिन्न महाविद्यालयों में सीटों का आवंटन उनके द्वारा मूल आवेदन पत्र में भरे गए विषय वर्ग के अनुसार किया जायेगा। किसी भी दशा में, किसी भी स्तर पर, विषय-वर्ग परिवर्तन अनुमन्य नहीं होगा।

Simram
बीएससी फाइनल की छात्रा सिमरन कर्दम ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण के बावजूद वह संयुक्त प्रवेश सम्मिलित हुई। क्योंकि भविष्य का सवाल था, इसलिए अब शासन को परिस्थिति को देखते हुए छात्र हितों में काउंसिंलिंग में फाइनल की मार्कशीट में छूट देनी चाहिए। जिससे सभी छात्र-छात्राएं प्रवेश ले सकें।

Sushma
एमए फाइनल की छात्रा सुषमा पाल ने कहा कि अबकी बार उन्होंने एमफिल व बीएड दोनों में से किसी एक कोर्स को करने के लिए आवेदन किया था। सरकार की नई शिक्षा नीति में एमफिल समाप्त करने से एक उम्मीद तो टूट चुकी है। वहीं काउंसिंलिंग भी पास आने वाली है और अभी तक उनकी परीक्षाएं चल रही है। ऐसे में उनका भविष्य अधर में लटक जाएगा। इसलिए शासन काउंसिंलिंग की प्रक्रिया में राहत प्रदान करें।

 

Montu
मोंटू सागर ने कहा कि काउंसिंलिंग के नियम में बदालव करते हुए अंतिम वर्ष के छात्रों को राहत प्रदान करने चाहिए। नहीं तो काफी छात्र-छात्राओं के बीएड में प्रवेश का सपना टूट जाएगा। वह भी बीए फाइनल के छात्र है। जिससे उन्हें भी अब डर सताने लगा हैं।

 

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बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित होेने वाले छात्र पीयूष गोयल ने कहा कि बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा में संक्रमण व अव्यवस्था के बाद भी परीक्षा दी, अब उन्हें डर है कि अगर काउंसिंलिंग में उनको प्रतिभाग करने नहीं दिया तो उनकी मेहनत बेकार जाएगी। इसलिए सरकार जल्द से जल्द निर्देश जारी करते हुए स्थिति को साफ करे। जब सरकार को युवा के भविष्य की फिक्र है तो राहत प्रदान करे।

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