जनवाणी संवाददाता |
बड़ौत: क्षेत्र के मलकपुर चीनी मिल के पेराई सत्र का मिल के अधिकारियों व कुछ गणमान्य लोगों की मौजूदगी में पेराई सत्र2020-21 का यज्ञ के साथ शुभारंभकिया गया। आश्चर्य की बात यह है कि किसानों को पर्चियां भी भेज दी गई।लेकिन मिल की मशीनरियों को चलाने वाला गियरबॉक्स लगने में ही संभवत: दो दिन लग ही जाएंगे। वहीं किसान एक-एक दिन का मिल के पेराई सत्र का नियमित रूप से चलने का इंतजार कर रहे हैं।
यहां विदित है कि मलकपुर मिल ने अभी तक पिछले पेराई सत्र 2019-20 का पूरा भुगतान नहीं किया गया। जबकि किसान चाहते हैं कि समय से उनका भुगतान मिल जाता तो वह अपना बकाया दे देते। यहां विदित है कि मलकपुर मिल ने अभी तक पिछले पेराई सत्र 2019-20 का पूरा भुगतान नहीं किया गया। जबकि किसान चाहते हैं कि समय से उनका भुगतान मिल जाता तो वह अपनी उधारी दे देते।
बिना पिछला भुगतान दिए ही पेराई सत्र शुरु कर दिया। बताया गया है कि मिल का गियरबॉक्स 11 नवंबर की सायं के समय मिल में पहुंचा। उसे सैट करने में कम से कम 40 घंटे का समय लगता है। ऐसे में मिल का पेराई सत्र के लिए यज्ञ करने की उतावली दिखा दी। यहां यह भी काबिले गौर बात है कि जिले की तीन चीनी मिलों में से दो सहकारी हैं। सहकारी चीनी मिल एक सप्ताह से अधिक समय से पेराई कर रही हैं।

जबकि मलकपुर चीनी मिल का केवल मुहुर्त ही निकाला गया है। नियमित पेराई की अभी कोई संभावना नहीं दिख रही है। यज्ञ के यज्ञमान मिल के यूनिट हैड विपिन चौधरी रहे। यज्ञ के बाद मिल अधिकारियों ने मिल की चेन में गन्ना डालकर पेराई सत्र का शुभारंभ किया। मिल में गन्ने की पहली बुग्गी बावली के किसान सतीश की तुली।
उसे मिल अधिकारियों ने सम्मानित किया। विपिन चौधरी ने बताया कि मिल चलाने के लिए प्रयाप्त गन्ना पहुंचते ही मिल को चालू कर दिया जाएगा। इसके लिए इंडेंट जारी कर दिया है। मिल को चलाने के लिए 80 हजार कुंतल गन्ने की जरुरत होती है। इस मौके पर जीएम केन मुकेश मलिक,वाणिज्य जीएम विजय जैन आदि थे।

