जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: दिल्ली की एक विशेष अदालत ने ब्रिटेन में रह रहे विवादित हथियार कारोबारी संजय भंडारी को ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018’ के तहत भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की याचिका पर आए इस फैसले से जांच एजेंसी को भंडारी की करोड़ों की संपत्ति जब्त करने का कानूनी अधिकार मिल गया है।
कोर्ट ने कहा–कानून से नहीं बच सकता भंडारी
तीस हजारी कोर्ट के जिला जज संजीव अग्रवाल ने आदेश देते हुए कहा कि भंडारी लगातार जांच और अदालती कार्यवाही से बचता रहा है। कोर्ट ने साफ किया कि प्रत्यर्पण विफल रहने का मतलब यह नहीं है कि कोई आरोपी भारतीय कानून से मुक्त हो जाएगा। अदालत के मुताबिक, भंडारी ने 196 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की और उसकी अघोषित विदेशी संपत्ति 655 करोड़ रुपये से अधिक की है।
ईडी को मिलेगी जब्त करने की पूरी छूट
इस फैसले से ईडी को संजय भंडारी की संपत्तियों को जब्त करने का रास्ता साफ मिल गया है। कोर्ट ने कहा कि आरोपी को भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद सरकार उसकी सभी संपत्तियों को कुर्क करने के लिए स्वतंत्र होगी। उल्लेखनीय है कि ईडी पहले ही पीएमएलए (PMLA) के तहत करीब 21 करोड़ की संपत्ति कुर्क कर चुकी है।
लंदन में रहना वैध, लेकिन ‘भगोड़ा’ ठहराना गलत नहीं– कोर्ट
संजय भंडारी की कानूनी टीम ने तर्क दिया कि वह ब्रिटेन में वैध रूप से रह रहा है, इसलिए उसे भगोड़ा घोषित करना अनुचित है। लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज करते हुए कहा कि अगर कोई आरोपी भारत लौटने से इनकार करता है, तो वह एफईओ अधिनियम की धारा 14 समेत सभी कानूनी परिणामों से बच नहीं सकता।
रॉबर्ट वाड्रा से जुड़े रिश्तों की भी जांच
ईडी कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा और संजय भंडारी के कथित संबंधों की भी जांच कर रही है। आरोप है कि भंडारी ने 2009 में लंदन स्थित 12, ब्रायनस्टन स्क्वायर हाउस को खरीदा था और रॉबर्ट वाड्रा के निर्देश पर उसका जीर्णोद्धार करवाया, जिसका खर्च वाड्रा ने वहन किया। हालांकि, रॉबर्ट वाड्रा ने किसी भी विदेशी संपत्ति से संबंध से इनकार किया है और इसे राजनीतिक साजिश करार दिया।
2016 से फरार, कई गंभीर आरोप
संजय भंडारी 2016 में आयकर विभाग की छापेमारी के तुरंत बाद लंदन भाग गया था। इसके बाद आयकर विभाग ने उस पर काला धन कानून, 2015 के तहत आरोप लगाए, और 2017 में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया। आरोपों में विदेशी संपत्ति छिपाना, झूठे दस्तावेज देना और कर अधिकारियों को गुमराह करना शामिल है।
अब तक 16 लोग हो चुके हैं भगोड़ा घोषित
इस फैसले के साथ संजय भंडारी विजय माल्या, नीरव मोदी, मेहुल चोकसी जैसे हाई-प्रोफाइल भगोड़ों की सूची में शामिल हो गया है, जिन्हें अलग-अलग अदालतों ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया है।

