जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे हापुड़ रोड से भी जुड़ेगा। इसको जोड़ने में दो वर्ष एनएचएआई को लग जाएंगे। इसके लिए एनएचएआई ने समय मांगा है। हालांकि इसके लिए एनएचएआई के लिए प्रशासन पहले ही जमीन का अधिग्रहण प्रक्रिया पूर्ण कर चुका है। यह लिंक रोड 14 किमी का होगा।
इसके लिए पांचवें चरण का टेंडर एनएचएआई जारी कर चुका है। एनएचएआई की योजना है कि इसी लिंक से प्रयागराज एक्सप्रेस-वे से भी दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे को भी जोड़ा जाएगा। इस दिशा में तेजी से कार्य आरंभ हो गया है। एनएचएआई का दावा है कि लिंक रोड दो वर्ष में हर सूरत में तैयार करके दे दी जाएगी।
चौथे चरण पर 8.520 किमी काशी-अछरौंडा से मेरठ-बुलंदशहर एनएच-235 पर लोहिया नगर के आगे शाकरपुर में इसके कनेक्ट किया जाएगा। इस निर्माण को पांचवां चरण का हिस्सा माना जा रहा है, जिसकी कुल लंबाई 14 किमी रहेगी तथा इस पर 524 करोड़ रुपये का टेंडर भी एनएचएआई ने मांग लिये हैं।
27 अपै्रल तक इसके लिए बिड मांगी गई है। कौन-कौन कंपनी इसके लिए टेंडर लगाती है। इसके बाद ही 28 अपै्रल को टेंडर खुलेगा, जिसके बाद ही आगे की कार्रवाई बढ़ेगी।
एक्सप्रेस-वे: फास्टेग का हुआ रिहर्सल
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर शुक्रवार को फास्टेग का रिहर्सल किया गया। टोल वसूली अभी नहीं हुआ, लेकिन टोल पर तमाम तैयारियां आरंभ कर दी गई है। शुक्रवार को बनाये गए बूथों पर टोल वसूली के लिए फास्टेग का रिहर्सल हुआ। बूथ पर फास्टेग काम कर रहा है या फिर नहीं। इसी पर पूरा दिन काम चला। क्योंकि एक सप्ताह तक टोल फ्री चलेगा। इसके बाद जो सर्वे वाहनों को चल रहा है, उसके आधार पर ही एनएचएआई टोल का किसी कंपनी को टेंडर करेगी।
खिर्वा बाइपास अंडरपास: उद्घाटन हुआ नहीं, जनता के लिए ओपन
खिर्वा बाइपास पर अंडरपास बनकर एक सप्ताह पहले तैयार हो चुका है, लेकिन अभी इसको जनता के लिए ओपन नहीं किया गया था। शुक्रवार से अंडरपास पर लगायी गई बैरिकेडिंग को हटा दिया गया तथा अंडरपास को जनता के लिए खोल दिया गया। पूरा दिन वाहन अंडरपास के ऊपर से नीचे दौड़े। जो डिवाइडर एनएच-58 पर तोड़ा गया था, उसे भी शुक्रवार को एनएचएआई ने बंद करा दिया।
उसको भी पुन: बनाया जा रहा है। क्योंकि इसके खुले रहने से यहां दुर्घटना घट सकती थी। डिवाइडर को पुन: बनाया जा रहा है। एनएचएआई ने अंडरपास को चालू कर दिया। इससे जनता को बड़ी राहत मिली। खिर्वा बाइपास पर पहले जाम की स्थिति बनी रही थी। लंबे समय बाद जनता को जाम से मुक्ति मिली है। जनता का आवागमन नीचे से भी कर दिया गया है।

