- वाल्मीकि प्रतिनिधि मंच ने सीएम के नाम डीएम को सौंपा ज्ञापन
जनवाणी ब्यूरो |
शामली: राष्ट्रीय वाल्मीकि समाज प्रतिनिधि मंच (भारत) के पदाधिकारियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी जसजीत कौर कोे सौंपा। जिसमें उन्होंने वाल्मीकि दलित समाज व गरीब वर्ग की जनहित समस्याओं का समाधान कराए जाने की मांग की है।
शुक्रवार को राष्ट्रीय वाल्मीकि समाज प्रतिनिधि मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद झंझोट के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी जसजीत कौर को सौंपा। जिसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश स्थानीय निकायों में संविदा कर्मचारियों को स्थायी करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि संविदा कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग के द्वारा की गई वेतन वृद्धि कराने और कर्मचारी की मृत्यु के पश्चात मृतक आश्रित के रूप में उनके परिवार को नौकरी दी जाए। उत्तर प्रदेश स्थानीय निकायों में ठेके पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों को संविदा में समायोजित किया जाए।
प्रदेश स्तर पर एक लाख सफाई कर्मचारी केवल वाल्मीकि समाज से भर्ती कराए जाएं। शामली नगर पालिका में पुत्रवधू के रूप में एवं मृतक आश्रित के रूप में कुछ महिला कर्मी लगाई गई हैं, जिनकी वर्ष 2000 में शामली पालिका द्वारा सेवा समाप्त कर दी गई थी, जिनका मामला उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है।
उन्होंने उक्त कर्मचारियों को बहाल कराए जाए। शासनादेश में मृतक की पत्नी, पुत्र, पुत्री को आश्रित माना गया है। उन्होंने पुत्र की वधु व पौत्र को भी आश्रित माने जाने के लिए शासनादेश लागू करने की मांग की।
ज्ञापन देने वालों में नंदू प्रसाद, अमित वाल्मीकि, धर्मेंद्र, अरुण झंझोट, राजपाल सिंह एडवोकेट, सुमन आर्यन एडवोकेट, अमन, आसिफ एडवोकेट, धर्मेंद्र, मुकेश कुमार, रोहित कुमार, सचिन कुमार, ओमपाल सिंह, उदल सिंह कश्यप आदि मौजूद रहे।

