- कृषि कानूनों के विरोध में किया जाएगा धरना-प्रदर्शन
जनवाणी ब्यूरो |
शामली: कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का समर्थन करते हुए भारतीय किसान यूनियन ने 14 दिसंबर को पैदल मार्च निकालते हुए शामली कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन का निर्णय लिया है।
शनिवार को शहर के पुराने मुजफ्फरनगर बस स्टैंड पर भाकियू के जिलाध्यक्ष कपिल खाटियान ने प्रेसवार्ता में कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए किसान विरोधी कृषि कानून को लेकर भाकियू हाईकमान के आदेश पर आगामी 14 दिसंबर को शामली कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
भाकियू इस काले कानून का पुरजोर विरोध करती है। 14 दिसंबर को किसान पदाधिकारी व कार्यकर्ता सवेरे 10 बजे शामली एसटी तिराहा पर एकत्रित होंगे। जहां से वह पैदल मार्च निकालते हुए शामली कलक्ट्रेट पहुंचेंगे। वहां शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों के समर्थन में धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
इस मौके पर प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप पंवार, दीपक शर्मा, योगेंद्र पंवार, संजीव राठी, गुडडू बनत, आमिर अली, गुलफाम मंसूरी, अजीत निर्वाल, मुनव्वर, पप्पू मालैंडी नदीम चौहान आदि मौजूद रहे।
भाकियू भानु भी करेगी कलक्ट्रेट का घेराव
भारतीय किसान यूनियन भानु गुट की बैठक शनिवार को मेरठ रोड स्थित कार्यालय पर हुई। जिसमें सर्वसम्मति से तय हुआ है कि 14 दिसंबर को दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों के आह्वान पर देश में सभी जिला कार्यालय का घेराव किया जाएगा। जिसमें भाकियू भानु के सभी पदाधिकारियों को जनपद में जिम्मेदारी दी गई।
कैराना क्षेत्र में प्रदेश उपाध्यक्ष मेहताब चौधरी व युवा जिलाध्यक्ष वकील चौहान, थानाभवन क्षेत्र में प्रदेश महासचिव ठाकुर शक्ति सिंह व जिलाध्यक्ष मैनपाल विश्वकर्मा और शामली क्षेत्र की जिम्मेदारी राष्टÑीय महासचिव अनिल मलिक को दी गई। अनिल मलिक ने बताया कि भाकियू भानु पदाधिकारी एक-एक जुलूस निकालकर शामली कलक्ट्रेट पहुंचेंगे, जहां डीएम शामली को ज्ञापन भी दिया जाएगा।
किसान संगठन का धरना प्रदर्शन शांतिपूर्ण होगा। बैठक में सुधीर मलिक, राजेंद्र प्रधान, पिंटू चौधरी, डा़ प्रमोद, किशनपाल प्रधान, वीरेंद्र सिंह, योगेंद्र प्रधान, नरेंद्र सिंह, जबर सिंह, रणधीर सिंह, विनोद मलिक आदि मौजूद रहे।
धरना-प्रदर्शन निरस्त कर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
ऊन। अखिल भारतीय भ्रष्टाचार निवारण परिषद के राष्ट्रीय महासचिव तेजपाल गुर्जर ने कार्यकतार्ओं के साथ ऊन चौसाना मार्ग पर हरसाना गांव में धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। जिसके बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया। सुबह से ही पुलिस-पीएसी बल ने तहसील व चौसाना रोड पर डेरा डाल दिया। अधिकारियों ने भी तेजपाल गुर्जर से संपर्क किया। जिसके बाद तेजपाल गुर्जर ने धरना प्रदर्शन न करते हुए उप जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने तथा विद्युत बिल अन्य राज्यों के बराबर करने की मांग की।

