- ऐसे शिक्षक जिनकी मौत हो चुकी है, लेकिन उन्हें ग्रेच्युटी नहीं मिली, शासन ने उनके लिए जारी किया आदेश
- कोरोना काल में हुई थी शिक्षकों की मौत, शासन ने प्रदेश के सभी जिलों से मांगी सूची, मेरठ के भी 10 शिक्षक
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नौकरी करते समय जिन शिक्षकों की मौत हो गई और वह ग्रेच्युटी का लाभ नहीं ले सके। ऐसे शिक्षकों की प्रदेश स्तर पर सूची मांगी गई है। मेरठ के भी 10 शिक्षक है, जिनकी मौत हो चुकी है, उनके परिजन ग्रेच्युटी का लाभ लेने के लिए कोर्ट की शरण में चले गए थे अब उनको ग्रेच्युटी का लाभ मिलेगा।

रिटायरमेंट से पहले जिन शिक्षकों ने ग्रेच्युटी का लाभ लेने के लिए आवेदन नहीं किया था और उनकी मौत हो गई। इन शिक्षकों के आश्रितों के लिए ग्रेच्युटी पाने के द्वार खुल गए है। डा. सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह शिक्षा निदेशक बेसिक द्वारा जारी पत्र में प्रदेश के सभी जिलों से मृत शिक्षकों की सूची मांगी है। मेरठ से ही 10 शिक्षक है जिनकी मौत हो चुकी है अब मृतक आश्रितों को ब्याज समेत ग्रेच्युटी मिलेगी।
मेरठ के 10 शिक्षकों को मिलेगा ग्रेच्युटी का लाभ
मृतक शिक्षक स्व. हरि भूषण शर्मा जिनका वाद संख्या 6974/2020 आश्रित राजेश, स्व. उषा वर्मा वाद संख्या 4513/2021 आश्रित आशीष वर्मा, स्व. रजनी वाद संख्या 13816/2021 आश्रित दिनेश कुमार, स्व. शाहिद हसन वाद संख्या 13795/2021 आश्रित हस्रबानों, स्व. हरवीर सिंह चौहान वाद संख्या 4562/2021 आश्रित उर्मिला, स्व. बबीता जैन वाद संख्या 6808/2021 आश्रित राकेश जैन, स्व. ममता वाद संख्या 10362/2021 आश्रित ब्रजवीर सिंह, स्व. मनीषा चौहान वाद संख्या 10331/2020 आश्रित संजीव पंवार, स्व. महेन्द्र सिंह वाद संख्या 4594/2021 आश्रित जयवती व स्व. प्रदीप कुमार वाद संख्या 18347/2021 आश्रित कल्पना कश्यप आदि।
कोरोना काल में समाए थे मौत के मुंह में
यह सभी शिक्षक कोरोना काल में ड्यूटी करने के दौरान असमय मौत के मुंह में समा गए थे। मौत से पहले इन शिक्षकों ने उस विकल्प को नहीं चुना था। जिसमें यह दो साल पहले नौकरी छोड़ सकते हैं और 16 महीनों की पेंशन ग्रेच्युटी के रूप में ले सकते थे। विकल्प नहीं चुनने के कारण शिक्षकों की ग्रेच्युटी अधर में लटक गई थी। जिसके बाद इन शिक्षकों के आश्रित कोर्ट की शरण में चले गए। अब शासन ने इन मृत शिक्षकों को ग्रेच्युटी देने का फैसला किया है। साथ ही इनकी ग्रेच्युटी की कुल राशि पर आठ प्रतिशत का ब्याज देने का भी निर्णय लिया है।

