जनवाणी ब्यूरो |
बलरामपुर: जिले में लगातार हो रही बारिश और विनाशकारी बाढ़ से भीषण तबाही मचा हुआ है,बाढ़ का पानी लगातार बढ़ रहा, पचपेड़वा विकास खंड के नौबस्ता, पिपरिहा जमुनी, नरचहवा, गैडहवा, सकरीकुइया, ललभरिया, मधवाहनगर खादर आदि गांवों का जनजीवन प्रभावित हुआ है।

नौबस्ता निवासी धुरुपराज सिंह, रंजीत सिंह, जवाहिर, ओमप्रकाश, राम शब्द निषाद, संजय निषाद, राजू निषाद, रामकिशोर, सुभाष आदि के घरों में पानी भर गया है।

लोगो के घरों में दो दिन से चूल्हा नहीं जला है,भूख प्यास से व्याकुल ग्रामीण किसी गाड़ी को आते देख कर सड़को पर दौड़े चले आते है,किसानों के धान का फसल बर्बाद हो गया है,पशुओं के लिए चारा की संकट उत्पन्न हो गया है,गावों में पानी भरा होने के कारण पशुओं को ग्रामीण घरों से बाहर कर दिया है।

नौबस्ता के क्षेत्र पचायत सदस्य राधेश्याम ने बताया कि सरकार की तरफ से ना तो राहत शिविर बनाया गया है और भूखे लोगो को कोई पका भोजन भी नही मिला।

जबकि जिला प्रशासन राहत शिविर बनाने और लंच पैकेट बटवाने का दवा किया जा रहा जबकि हकीकत कुछ अलग है।
भूख से अव्यवस्था पैदा होने की संभावना बनी हुई है। वही राहत सामग्री अभी तक ना पहुंचने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है, कई ट्रांसफार्मर पानी में डूब जाने के कारण बिजली संकट से रात्रि में अंधेरा छाया रहता है।
पचपेड़वा विकास खंड के ब्लॉक प्रमुख मनोज तिवारी ने बताया कि अचानक बाढ़ का पानी इस क्षेत्र में आ गया है, जो भूखे है उन घरों को लंच पैकेट की व्यवस्था कराई जाएगी।
बलरामपुर जनपद में 287 गांव बाढ़ से प्रभावित है जिसमे 187 गांव में चारो तरफ से पानी भरा है, जिला प्रशासन द्वारा 200 नाव और 30 मोटर वोट की व्यवस्था और राहत शिविर की बात बताया जा रहा है,
उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह जनपद में पहुंच कर राहत और बचाव कार्य का जायजा लिया। एनडीआरएफ की टीम द्वारा बलरामपुर में रेस्क्यू ऑपरेशन करके 93 लोगो को सुरक्षित निकाला गया है।
जनपद में राष्ट्रीय राजमार्ग 730 पर बाढ़ का पानी आ जाने से पूरी तरह से आवागमन बंद है।
जिलाअधिकारी डॉक्टर महेंद्र कुमार और पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सक्सेना बलरामपुर नगर में इंट्री प्वाइंट पर उपजिलाधिकारी को बाढ़ प्रभावित लोगो को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का निर्देश दिया है।

