Friday, March 20, 2026
- Advertisement -

सीएम योगी के अपनेपन के भाव से विभोर हो गए श्रद्धालु

लखनऊ ब्यूरो |

गोरखपूर: लोकसभा चुनाव में अपनी पार्टी भाजपा के प्रत्याशियों के लिए एक-एक दिन में आधा दर्जन जनसभाओं में शामिल होने के बाद भी मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या और जनता से अनौपचारिक जुड़ाव की उनकी कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं आया है। गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान उनकी प्रातःकाल की दिनचर्या में प्रभु एवं गुरुजन के प्रति आस्था निवेदन के साथ ही गोसेवा अभिन्न हिस्सा है।

वह मंदिर परिसर में आए श्रद्धालुओं से कुशलक्षेम पूछना नहीं भूलते हैं तो परिसर में परिजनों संग आए बच्चों को पास बुलाकर दुलारना और आशीर्वाद देना उन्हें आत्मीय संतोष देता है। सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर में ये सारे दृश्य एक-एक करके नजर आए। मंदिर में श्रद्धालुओं के एक बड़े समूह को देखकर जैसे ही सीएम ने उनसे पूछा, कहां से आए हैं, यहां कोई परेशानी तो नहीं हो रही, सभी लोग मुख्यमंत्री के अपनेपन के भाव से विभोर होकर जयकारे लगाने लगे।

लोकसभा चुनाव प्रचार के कई कार्यक्रमों में सम्मिलित होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार शाम गोरखनाथ मंदिर पहुंचे थे। मंदिर परिसर स्थित अपने आवास में रात्र विश्राम करने के बाद रविवार सुबह उनकी दिनचर्या परंपरागत रही। महायोगी गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने के बाद उन्होंने अपने ब्रह्मलीन गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर जाकर मत्था टेका और उनका आशीर्वाद लिया।

तत्पश्चात हर बार की तरह वह मंदिर परिसर के भ्रमण पर निकले। इस दौरान परिसर में उनकी नजर बड़ी संख्या में आए श्रद्धालुओं पर गई तो वह उनके पास पहुंच गए। गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने आए इन श्रद्धालुओं में कुछ स्थानीय थे तो बहुत से लोग गुजरात, महाराष्ट्र, बिहार और छतीसगढ़ से आए थे।

कहां से आना हुआ, कैसे हैं, कोई तकलीफ तो नहीं

मुख्यमंत्री ने आत्मीयता से सभी से यह जानने के साथ कि वे कहां से आए हैं, उनका कुशलक्षेम भी पूछा। मुख्यमंत्री के अपनत्व के इस अंदाज से श्रद्धालुओं में उत्साह बढ़ गया और सभी जय श्रीराम, भारत माता की जय, गुरु गोरखनाथ जी महाराज की जय और योगी आदित्यनाथ जी महाराज की जय के नारे लगाने लगे।

इन श्रद्धालुओं के साथ उनके बच्चे भी महायोगी गोरखनाथ का दर्शन करने आए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों को अपने पास बुला लिया, सबके माथे पर हाथ फेरकर प्यार-दुलार और आशीर्वाद देने लगे। उन्होंने बच्चों से उनका नाम, उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा, खूब हंसी ठिठोली की और सभी को चॉकलेट देकर विदा किया।

गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोसेवा करना कभी नहीं भूलते हैं। सोमवार सुबह भी वह मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए वह गोशाला में पहुंचे। यहां गोवंश को उनके नाम से आवाज देकर अपने पास बुलाया। उन्हें रोटी-गुड खिलाकर उनकी सेवा की।

कई गोवंश तो उनके हाथों से गुड़ रोटी खाने के बाद उनसे लिपटने लगे। सीएम योगी ने गोशाला के स्वयंसेवकों को भीषण गर्मी में गोवंश की देखभाल के लिए उठाए जाने वाले जरूरी कदमों को लेकर निर्देशित किया।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

अब घबराने का समय आ गया है

हमारे देश में जनता के घबराने का असली कारण...

विनाश के बीच लुप्त होतीं संवेदनाएं

जब विज्ञान, तकनीक और वैश्वीकरण के सहारे मानव सभ्यता...

ऊर्जा संकट से इकोनॉमी पर दबाव

वैश्विक अर्थव्यवस्था में जब भी ऊर्जा संकट गहराता है,...

Navratri Fasting Rules: नौ दिन के व्रत में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं, सेहत हो सकती है खराब

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत...

Saharanpur News: राजीव उपाध्याय ‘यायावर’ को सर्वश्रेष्ठ शोध प्रस्तुति सम्मान

जनवाणी संवाददाता | सहारनपुर: चमनलाल महाविद्यालय में आयोजित 7वें उत्तराखण्ड...
spot_imgspot_img