जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: धनतेरस को लेकर शहर के सभी बाजारों में रौनक है। आज धनतेरस है और बाजार में अच्छी खासी तैयारी नजर आ रही है। शहर का सराफा बाजार हो या कोई और बाजार सभी बाजारों में दुकानदारों की ओर से पूरी तैयारी की गई है। सराफा बाजर की बात करें तो यहां एक ही दिन में करोड़ों रुपये का व्यापार होने की संभावना है।
पिछले दो सालों की बात करें तो कोरोना हर किसी वर्ग का व्यापार पूरी तरह से चौपट कर दिया था। पिछले दो सालों से बाजारों में रंगत नहीं थी, लेकिन इस बार दीपावली के मौके पर खूब खरीदारी की जा रही है। धनतेरत पर बाजारों में खूब धनवर्षा होने की संभावना है। बाजार भी धनतेरस को भुनाने को पूरी तरह से तैयार हैं।

बता दे कि यहां पिछले दो सालों से कोरोना के कारण किसी बाजार में रंगत नहीं थी। बाजार ग्राहकों के लिये तरस रहे थे। कामकाज बंद हो चुके थे, जिसका असर सभी पर पड़ रहा था, लेकिन इस बार धनतेरस के मौके पर बाजार ग्राहकों को संभाल भी नहीं पा रहे हैं।
मेरठ के सराफा बाजार की बात करें तो पिछले एक माह से नवरात्र और फिर करवाचौथ पर बाजार में खूब खरीदारी हुई। अब धनतेरस को लेकर भी बाजार में खूब खरीदारी होने की उम्मीद है।
ग्राहकों के हिसाब से तैयार किये चांदी-सोने के आइटम
सोना चांदी व्यापार संघ के अध्यक्ष संत कुमार वर्मा की मानें तो पिछले एक माह से बाजार में खूब भीड़ आ रही है। अब आज धनतेरस को लेकर भी पूरी तैयारी है। दीपावली के मौके पर घर में सोने व चांदी का सामान खरीदकर लाना शुभ माना जाता है। हर वर्ग के लोग अपने हिसाब से बजट के हिसाब से खरीदारी करते हैं।
सराफाओं ने भी धनतेरस को लेकर हर वर्ग के हिसाब से ज्वैलरी व सिक्के तैयार किये हैं। लोग सोने व चांदी दोनों तरह के सिक्के खरीद सकते हैं। सोने के सिक्के व चांदी के सिक्के पांच ग्राम से लेकर 100 ग्राम तक में मौजूद हैं। इसके अलावा लक्ष्मी गणेशजी भी चांदी में बनाये गये हैं।
धनतेरस पर शुभ योग में करें खरीदारी
साल में खरीदारी के सबसे शुभ पर्व धनतेरस के लिए लोगों में करीब एक सप्ताह पहले से काफी उत्साह देखने को मिल रहा था। आमतौर पर इस दिन बर्तन, झाडू, खड़ा धनिया, सोना और चांदी का सामान खरीदा जाता है। कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी यानि धनतेरस के दिन धनवंतरी देव की जयंती होती हैं, जोकि आज मनाई जाएगी। जबकि दीपावली का पर्व चार नवंबर यानि गुरुवार को मनाया जाएगा।
धनतेरस के दिन शुभ खरीदारी के साथ धनवंतरी की पूजा की जाती है। वहीं, इस दिन लक्ष्मी-गणेश और कुबैर का पूजन भी होता है। ज्योतिषाचार्य अमित गुप्ता के अनुसार धनतेरस पर खरीदारी के लिए अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 42 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक है। वृषभ काल शाम छह बजकर 18 मिनट से आठ बजकर 14 मिनट तक है। वहीं, पूजा मुहूर्त सुबह छह बजकर 18 मिनट और रात 10 बजे से।
त्रिपुष्कर योग में खरीदे सोना और चांदी
धनतेरस के दिन त्रिपुष्कर योग बन रहा है। इस योग में जो भी कार्य किया जाता है उसका तीन गुना फल मिलता है। इस दिन बुरा काम करने से बचना चाहिए। वहीं इस दिन तीन ग्रहों की युति भी बन रही है। सूर्य, मंगल और बुध तीनों ग्रह एक साथ तुला राशि में विराजमान होंगे। वहीं, इस दिन हस्त नक्षत्र भी बन रहा है।
- खनखनाया बर्तन बाजार, सड़क पर उतरने लगे नए वाहन
- दुकानदारों को दीपावली से काफी उम्मीद
- पांच करोड़ से अधिक का हो सकता है बर्तन कारोबार
धनतेरस को लेकर बाजार में उमड़ने लगी भीड़
कारोबारियों के लिए सोमवार का दिन खास रहा। क्योंकि धनतेरस से एक दिन पहले बाजार में काफी भीड़-भाड़ देखने को मिली। वहीं भीड़ को देखकर व्यापारियों के चहरे भी खिलखिलाते नजर आए। लोगों ने घर की सजावट के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक आइटमों की भी जमकर खरीदारी की। मोबाइल फोन से लेकर गिफ्ट की दुकानों तक लोगों को जमघट लगा रहा। वहीं नई चमचमाती कारें भी सड़कों पर घूमती नजर आई।
वहीं, बर्तन बाजार भी खनखनाता नजर आया। वहीं कई जगह समान बुक कराने के लिए लोगों ने एडवांस जमा कराया ताकि धनतेरस पर भीड़ का सामना न करना पड़े। सदर बाजार, आबूलेन, घंटाघर, सेंट्रल मार्केट, लालकुर्ती, सुभाष बाजार आदि में खूब रौनक देखने को मिली।
बता दें कि कोरोना के कारण लगातार दो साल से जबरदस्त मंदी झेलने के बाद इस बार धनतेरस और दीपावली के लिए बाजार पूरी तरह से तैयार है। शहर के अधिकांश बाजार पूरी तरह से सज चुके हैं। वहीं, इस वर्ष पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ने की वजह से भाड़ा महंगा होने के साथ ही अन्य कारणों से गत वर्ष की अपेक्षा सजावटी सामान व बर्तनों के दामों में 15 से 20 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। हालांकि इसके बावजूद कारोबारियों को बहुत अच्छा बाजार होने की उम्मीद है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने को तांबे के बर्तनों की बढ़ी मांग
कोरोना काल में लोग सेहत के प्रति जागरूक हुए है। इसका असर बर्तन बाजार पर दिखाई दे रहा है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने को तांबे के बर्तनों की मांग बढ़ गई हैं। बर्तन कारोबारियों का कहना है कि इस बार तांबे का तवा और कुकर बाजार में उतारा गया हैं, जो ग्राहकों को काफी पसंद आ रहा है। तांबे का जग, मटका, गिलास, बोतल, कटौरी और थाली भी कम नहीं है।
इसलिए खरीदे जाते हैं पीतल और चांदी के सामान
पुराणों के अनुसार समुद्र मंथन के समय भगवान धनवंतरी कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को धनतेरस के दिन अमृत पात्र के साथ प्रकट हुए थे। भगवान धनवंतरी को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है और उन्हें देवताओं के वैद्य के रूप में भी जाना जाता है।
धनतेरस पर भगवान धनवंतरी की पूजा कर अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना की जाती है। इसलिए धनतेरस पर पीतल के बर्तन खरीदने की परंपरा है। धनतेरस पर चांदी के आभूषण खरीदना भी शुभ माना जाता है। चांदी को चंद्रमा का प्रतीक मानते हैं। चांदी कुबैर की धातु है।
वहीं, इस दिन चांदी व सोने के आभूषण खरीदने से यश और कीर्ति में वृद्धि होती है। यह भी मान्यता है कि धनतेरस के दिन चल या अचल संपत्ति खरीदने से उसमें 13 गुना वृद्धि होती है।
दीपावली पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति किए जाने की मांग
दीपावली का पर्व नजदीक है और महानगर क्षेत्र के मुख्य बाजारों में ग्राहकों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई हैं। दीपावली का जश्न मनाने के लिए लोग जहां घरों की सजावट के लिए मनपसंद का सामान खरीदने में लगे हैं। वहीं, दुकानदारों ने भी दुकानें सजा दी हैं।
सबसे ज्यादा भीड़ आबूलेन, सदर बाजार, भगत सिंह मार्केट, सेंट्रल मार्केट, गढ़ रोड आदि क्षेत्र के बाजार दीपावली के लिए जगमगा रहे हैं। दीपावली को मद्देनजर रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बनाये रखने के लिए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सचेत हैं।
पिछली दीपावली पर लॉकडाउन के कारण इन बाजारों में इतनी भीड़ देखने को नहीं मिली थी। जितनी इस बार देखी जा रही है। लोग दीपावली का जश्न मनाने के लिए बाजारों में बड़ी संख्या में देखे जा रहे हैं।
इस पर्व के महत्व को देखते हुए भगत सिंह मार्केट के व्यापारी अकरम गाजी व गढ़ रोड के व्यापारी पवन गर्ग ने बिजली विभाग से मांग की है कि दीपावली तक पूरे शहर में और मुख्य बाजारों में बिजली आपूर्ति 24 घंटे निरंतर जारी रहनी चाहिए। जिससे लोगों को राहत मिल सके।

