Friday, March 20, 2026
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डीआईजी के बेटे की मुश्किलें बढ़ी, पुलिस खामोश

  • कोर्ट ने अनुमति दी धाराएं बढ़ाने की, पांचों आरोपी पेश हुए

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: एसटीएफ मेरठ ने तीन नवंबर को नायरा कंपनी के मेरठ में 11 व बागपत में एक पेट्रोल पंप पर एक साथ छापा मारा था। मेरठ में परतापुर, ब्रह्मपुरी, इंचौली व हस्तिनापुर में पंपों पर मिलावट और घटतौली का खेल पकड़ा था। जिसमे पूर्व डीआईजी महेश मिश्रा के बेटे क्षेत्रीय प्रबंधक सुशांत मिश्रा, तीन पंप मालिक समेत 15 लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस की ढीली कार्रवाई पर सवाल उठे तो पुलिस ने बुधवार को आरोपियों के धाराएं बढ़ाने के लिए रिमांड अर्जी प्रस्तुत की थी।

पांचों आरोपी आज कोर्ट में पेश हुए। जिस पर गुरुवार को सुनवाई करते हुए अदालत ने 420, 467, 468, 471 आईपीसी की बढ़ाकर आरोपियों का रिमांड बनाया है। अधिवक्ता अमित दीक्षित ने बताया की पेट्रोल पंप मालिक अवनीश की केस डायरी ना आने के कारण उसके खिलाफ मामले में अभी धाराएं नहीं बनी है धाराएं बढ़ाने के लिए 21 तारीख लगी है। क्षेत्रीय प्रबंधक बीरेंद्र त्रिपाठी समेत पांच लोगों को पुलिस ने जेल भेज दिया था। अदालत ने जेल गए पांच आरोपितों को भी जमानत के लिए तलब किया था।

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पांचों आरोपी कोर्ट में पेश हुए। डीआइजी महेश मिश्रा के बेटे सुशांत मिश्रा के खिलाफ मिली आडियो को पुलिस ने अभी तक हस्तिनापुर में दर्ज मुकदमे में नहीं लगाया है। सुशांत को लाभ पहुंचाने के लिए पुलिस सभी मुकदमों में लापरवाही कर रही है। ऐसा माना जा रहा है कि पुलिस हर सूरत में सुशांत को बचाना चाहती है, लेकिन जिस तरह से धारायें बढ़ी है उससे डीआईजी के बेटे की मुश्किलें बढ़ गई है, क्योंकि इन धाराओं में बाहर से जमानत होना लगभग संभव नहीं है।

भूमाफिया मनोज राणा की जमानत अर्जी खारिज

भूमाफिया मनोज राणा की एडीजे प्रथम की अदालत में जमानत अर्जी खारिज कर दी गई। आरोपी तीन महीने से जेल में बंद है और विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज हैं। थाना मवाना और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई के बाद 15 हजार का इनामी बदमाश मनोज राणा उर्फ मनोज उर्फ अनुराग राणा को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था।

गुरुवार को अनुराग राणा की जमानत अर्जी पर एडीजे प्रथम फूल सिंह पटेल की कोर्ट में सुनवाई हुई जिसमें वादी तरुण मांगलिक के अधिवक्ता रामकुमार शर्मा ने कोर्ट में सार्थक प्रमाणित तथ्यों के साथ बहस करते हुए कहा कि यह मुलजिम संघटित गिरोह के साथ भूमि कब्जा कर धन अवैध रूप से उगाही का काम करता था। बहस पूरी होने पर अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।

आरोपी का अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र खारिज

न्यायालय जिला जज मेरठ रजत सिंह जैन ने धोखाधड़ी करने के आरोप में आरोपी सत्यपाल सिंह देशवाल पुत्र नंद सिंह निवासी जागृति विहार मेरठ का अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा डा. अजय कुमार ने थाना कंकरखेड़ा पर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई कि आरोपी सत्यम इंस्टीट्यूट आॅफ एजुकेशन ने मेरठ विकास प्राधिकरण के जोनल अधिकारी के नाम से फर्जी कूट रचित भवन पूर्णता के प्रमाण पत्र बनाकर राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद जयपुर से डीएलईडी कोर्स की मान्यता प्राप्त कर ली और प्रमाण पत्र तैयार कर अनुचित लाभ प्राप्त किया। वादी की ओर से अधिवक्ता गौरव गोयल ने जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर आरोपी का अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।

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