जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नगर निगम कार्यालय के मुख्य द्वार के पास गटर का गंदा पानी बह रहा है। इससे वहां से गुजरने वाले आमजन को आने जाने में काफी परेशानी हो रही है। साथ ही स्थानीय दुकानदारों की दुकानों में भी गन्दा पानी घुस गया है। भारत सरकार स्वच्छ भारत कार्यक्रम के तहत कई योजनाएं चला रही है, लेकिन नगर निगम कार्यालय के मुख्य द्वार पर ही गटर का गंदा पानी सड़को और दुकानों में घुस रहा है।
यह एक जीता जागता उदहारण है कि मेरठ नगर निगम के अधिकारी मेरठ की स्वच्छता को लेकर कितना सतर्क है। सड़क किनारे दोनों साइड पानी निकासी के लिए नाली है तो लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रतिबंधित पॉलीथिन ने अपनी जगह नालियों में बना रखी है। जिसके कारण ही नालियों में गन्दा पानी भरा हुआ है और निकासी न होने के कारण यह गंदा पानी सड़को और दुकानों में घुस रहा है। गंदा पानी बहने से इस रोड से आने जाने वाले राहगीरों को भी काफी मुश्किलें का सामना करना पड़ता है।
निगम कार्यालय की हालात ही बयां कर रही लचर सफाई व्यवस्था
कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए स्वास्थ मंत्रालय द्वारा परिसर में या दफ्तर के अंदर कहीं भी थूकने पर पूर्ण रूप से पाबंदी लगाई हुई है। बावजूद इसके निगम कार्यालय में लोंगो और कर्मचारियों ने जगह जगह थूककर गंदगी और संक्रमण को भी बढ़ावा दे रखा है। इससे निगम की इमारत भी काफी भद्दी नजर आ रही है।
निगम अधिकारियों ने इस बात को भी नजर अंदाज किया हुआ है। प्रशासन द्वारा दफ्तर के अंदर और बाहर तंबाकू व गुटका के सेवन पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। ऐसा करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। लेकिन यह दावे सिर्फ कागजों में ही मान्य है।

