Thursday, March 19, 2026
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खिलौनों से दूरी, गेम जोन में बढ़ रही बच्चों की रुचि

  • खेलों के माध्यम से बढ़ती है बच्चों के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: एक दशक पहले बच्चे आउटडोर गेम खेला करते थे। जिसमें गिल्ली-डंडा, आई-स्पाई, आयरन टच, पकड़म-पकड़ाई, पोशम्पा जैसे खेल प्रसिद्ध थे। इन खेलों के माध्यम से बच्चों के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती थी, बच्चों को आसानी से कोई भी इन्फेक्शन नहीं होता था। मगर आज के बच्चे न तो आउटडोर गेम खेलना ही पसंद करते है न ही कहीं जाना चाहते हैं। ग्रीष्मकालीन अवकाश होते ही बच्चे फोन में लग जाते हैं जो न सिर्फ उनकी आंखों पर बल्कि उनके मस्तिष्क पर भी विपरीत असर पहुंचाता है।

इस समस्या से निजात पाने के लिए और बच्चों को सामाजिक बनाने के लिए मुंबई, बेंगलुरु, चंडीगढ़ जैसे बड़े शहरों की तर्ज पर गेमिंग जोन बन गये हैं। बता दें कि गेमिंग जोन में एक छत के नीचे कई तरीके की गतिविधियां होती हैं। जिनमें वीडियो गेम, खेलकूद आदि शामिल है। गेम जोन की खास बात यह है कि यह किसी भी आयु वर्ग के लिए सीमित नहीं है, इसमें छोटे से लेकर बड़े-बूढ़े तक हर किसी के लिए करने के लिए कोई न कोई एक्टिविटी उपलब्ध है। इसी कारण से पिछले कुछ महीनों में शहर के कई गेमिंग जोन में शहर वासियों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिल रही है।

बाउंसी प्लेनेट की मालकिन सुखबीर राणा बताती है कि वह खुद एक मां हैं। उनको बच्चों के खेलने के लिये दिल्ली जैसी जगह पर जाकर गेम्स स्टेशन कि आवश्यकता लगी। जिसके बाद उन्होंने मेरठ में इसे खोलने का फैसला किया। उन्होंने बाउंसी प्लेनेट में न सिर्फ बच्चों के खेलने की व्यवस्था की है। बल्कि मां-बाप और बुजुर्गों के लिए भी यहां पर टाइम स्पेंड करने के बहुत अच्छे संसाधन जोड़े हैं। वह बताती है कि करीब तीन महीने पहले उन्होंने शास्त्री नगर में इसे शुरू किया था। जिसका रिस्पांस काफी अच्छा आ रहा है।

ग्रीष्मकालीन अवकाश को लेकर भी बच्चों में खेलकूद के प्रति खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। गेम जोन खेलों की एक जादुई दुनिया है। यहां आप कैश से या फिर कार्ड रिचार्ज करवा कर गेम्स को एक्सेस कर सकते हैं। यहां पर गेम खेलने के लिए एक से एक बड़ी मशीनें, रायडिंग कार, राइडिंग बाइक, वीडियो गेम्स, बास्केटबॉल, छोटे बच्चों के लिए पूल, सॉफ्ट टॉय जोन आदि उपलब्ध है। इन गेमिंग जोंस में आधुनिक एवं महंगी गेमिंग टूल्स लगे होते हैं जो अमूमन बच्चों ने टीवी सीरियल और मूवीस में देखे हैं।

मेरठ जैसे शहर में यह एकदम नये तरीके का प्रयोग है। गेम जोन में खेलने के लिए लोगों को 50 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं जिसमें सॉफ्ट प्ले के लिए 50 रुपये से लेकर 170 रुपये तक, प्ले स्टेशन के लिये 300 रुपये से 500 रुपये, आरकेड गेम्स के लिये 50 रुपये से 300 रुपये तक की कीमत अदा करनी पड़ती है। कुछ गेम्स में टोकन या कॉइन की व्यवस्था है। वहीं, कुछ गेम जोन में मेट्रो कार्ड जैसे कार्ड की व्यवस्था उपलब्ध है। कार्ड लेने के बाद में उसमें 300 रुपये या 500 रुपये का रिचार्ज कराया जाता है।

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