- जिला कार्यालय पर जिलाध्यक्ष समेत कार्यकर्ता नजरबंद
जनवाणी ब्यूरो |
शामली: कृषि कानूनों के विरोध में राष्ट्रीय लोकदल के पदाधिकारियों द्वारा शनिवार की शाम को केंडल मार्च निकालने की अनुमति को निरस्त करते हुए पुलिस ने रालोद जिलाध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों को नजरबंद कर दिया। वहीं रालोद ने इसे प्रदेश व केंद्र सरकार की विफलता बताया।
शुक्रवार को ही रालोद जिलाध्यक्ष योगेंद्र चेयरमैन ने पार्टी कार्यालय पर बैठक में 12 दिसंबर शनिवार की शाम को जिला कार्यालय से चौधरी चरण सिंह मूर्ति तक केंडल मार्च निकालने की घोषणा की थी। जिसके बाद प्रशासन से अनुमति मांगी गई थी। लेकिन जिला प्रशासन ने अनुमति को निरस्त कर दिया।
वहीं शनिवार की सवेरे से ही जिला प्रशासन के आदेश पर रालोद जिला कार्यालय पर जिलाध्यक्ष योगेंद्र चेयरमैन समेत दर्जनभर पदाधिकारी-कार्यकर्ताओं को जनरबंद कर दिया।
वहां पुलिस बल तैनात किया गया है। जिलाध्यक्ष योगेंद्र चेयरमैन ने कहा कि मशाल जुलूस की अनुमति निरस्त कराकर प्रदेश की भाजपा सरकार ने साबित कर दिया कि वह किसान विरोधी है। वर्तमान केंद्र सरकार का किसानों के प्रति रवैया ठीक नहीं है।
कृषि प्रधान देश में इसे स्वीकार नहीं किया जाता जिसके चलते सरकार के रवैए से पूरे देश में आक्रोश बना हुआ है। जो समाज एवं राष्ट्र के लिए बहुत ही विस्फोटक साबित होगा। उन्होने केन्द्र व प्रदेश सरकार पर अपनी हठधर्मिता दिखाते हुए किसानों के आंदोलन को दबाने का प्रयास बताया।

