- डीएम ने फोन कर शिकायतों का निस्तारण पूछा, अभियान चलाकर करें नालों व कूड़े की सफाई
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: डीएम ने बुधवार सुबह नगर निगम कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस अवसर पर नगर आयुक्त एवं अपर नगर आयुक्त कार्यालय में उपस्थित मिले। आकस्मिक निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता सहित कुल नौ अधिकारी व कर्मचारी अनुपस्थित मिले। जिस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुये अनुपस्थित कार्मिकों के वेतन रोकने के निर्देश दिये।
डीएम अनिल ढींगरा ने शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता की जांच के लिए शिकायत पंजिका देखी। जिसमें जिन शिकायतों को निस्तारित किया जाना दर्ज दर्शाया गया था। उनके शिकायतकर्ताओं से फोन पर वार्ता कर शिकायत के निस्तारण की पुष्टि की।
डीएम ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता की शिकायतों के प्रति संवेदनशील रहकर समस्त शिकायतों को गुणवत्ता के साथ निस्तारित करना सुनिश्चित करें। डीएम द्वारा निर्माणाधीन कार्यों का ब्योरा मांगा गया तथा इसके अनुसार संबंधित अवर अभियंता से दूरभाष पर बात की गई।
अवर अभियंता को निर्देशित किया गया कि निर्माणाधीन कार्यों की फोटो भेजी जाएं। उन्होंने निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों को समयबद्ध तरीके से एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराया जाए।
उन्होंने शहर में अभियान चलाकर नालों तथा कूड़े की सफाई कराये जाने के निर्देश दिये। डीएम के निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाये गये अधिकारियों व कर्मचारियों में यशवंत कुमार मुख्य अभियंता, डा. गजेंद्र सिंह नगर स्वास्थ्य अधिकारी, चंद्रभूषण कर निर्धारण अधिकारी, संजय कुमार लिपिक गृह कर विभाग, संजीव गुप्ता लिपिक निर्माण विभाग, विनोद कुमार अनुच्छेद केंद्रीय कार्यालय, अनीस अहमद अनुचर गृह कर विभाग, उस्मान अनुचर मुख्यालय व राजेश चौहान पथ प्रकाश निरीक्षक अनुपस्थित मिले। इस अवसर पर नगरायुक्त अरविन्द चौरसिया, अपर नगरायुक्त श्रद्धा शांडिलयान सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

