जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: वित्त वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों में केंद्र सरकार ने करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए टैक्स सिस्टम को सरल और व्यवहारिक बनाने की दिशा में अहम कदम उठाए हैं। एक ओर विदेश यात्रा और शिक्षा पर लगने वाले टैक्स कलेक्शन एट सोर्स (TCS) की दरों में कटौती की गई है, वहीं दूसरी ओर अघोषित विदेशी संपत्ति रखने वालों को सीमित दायरे में स्वेच्छा से खुलासा करने का एकमुश्त मौका दिया गया है। सरकार के इन प्रस्तावों को मध्यम वर्ग के लिए राहत और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने वाला कदम माना जा रहा है।
विदेश यात्रा और शिक्षा पर टैक्स बोझ कम
बजट प्रस्तावों के अनुसार अब विदेश यात्रा कार्यक्रमों की बिक्री पर टीसीएस की दर घटाकर 2 प्रतिशत कर दी गई है। इससे विदेश घूमने जाने वालों को तत्काल नकदी राहत मिलेगी। इसके साथ ही उदारीकृत प्रेषण योजना (LRS) के तहत शिक्षा और चिकित्सा के लिए विदेश भेजी जाने वाली राशि पर भी टीसीएस दर घटाकर 2 प्रतिशत कर दी गई है। इससे विदेश में पढ़ाई कर रहे छात्रों के अभिभावकों और इलाज कराने वालों को सीधा फायदा मिलेगा।
वर्कफोर्स सेवाओं और निवेशकों को भी राहत
सरकार ने वर्कफोर्स सर्विसेज पर लगने वाले टीडीएस की दरों को घटाकर 1 या 2 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा निवेशकों की सुविधा के लिए डिपॉजिटरी अब फॉर्म 15G और 15H को सीधे स्वीकार कर सकेंगी, जिससे अनावश्यक टीडीएस कटौती से बचाव आसान होगा।
अघोषित विदेशी संपत्ति पर छह महीने की खुलासा योजना
बजट में एक नई विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण योजना का भी प्रस्ताव किया गया है। इस योजना के तहत:
करदाताओं को 6 महीने का समय मिलेगा
1 करोड़ रुपये तक की अघोषित विदेशी आय या संपत्ति का खुलासा किया जा सकेगा
दंड के बजाय केवल 30 प्रतिशत अतिरिक्त आयकर का भुगतान करना होगा
यह योजना उन लोगों के लिए है जिन्होंने विदेशी आय बताई है लेकिन संपत्ति घोषित नहीं की, या पूरी जानकारी नहीं दी है।
टैक्स विवादों में कमी पर जोर
सरकार ने मुकदमेबाजी कम करने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं:
अपील अवधि के दौरान दंड पर ब्याज नहीं लगेगा
अपील के लिए प्री-डिपॉजिट घटाकर 10 प्रतिशत किया गया
दस्तावेज न देने और भुगतान में देरी को अब आपराधिक अपराध की श्रेणी से बाहर किया जाएगा
20 लाख रुपये से कम की विदेशी अचल संपत्ति की जानकारी न देने पर कोई दंड नहीं लगेगा
सरकार का संदेश साफ
बजट प्रस्तावों से यह संकेत मिलता है कि सरकार का उद्देश्य टैक्स चोरी पर लगाम लगाना है, लेकिन ईमानदार करदाताओं को अनावश्यक परेशानियों से बचाना भी उतना ही अहम है। विदेश यात्रा पर टीसीएस में कटौती और छोटे विदेशी निवेशों पर दंड से छूट को कर विशेषज्ञों ने स्वागत योग्य कदम बताया है।

