- जनवाणी ने भीड़भाड़ इलाके में दौड़ रही कार को कैमरे में किया कैद
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल सड़कों पर मौत का झपट्टा साबित हो रहे है। ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल आरटीओ की तरफ से आॅथराइज आईटीआई को किया गया है, लेकिन जो ट्रेनिंग स्कूल ड्राइविंग सिखा रहे हैं, वह सड़कों पर भीड़-भाड़ वाले इलाके में लेकर गाड़ियां घूम रहे हैं, जिसके चलते हादसे हो रहे हैं। इनकी शिकायतें भी पुलिस के पास पहुंच रही है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल के लिए अनुमति तभी जारी की जाती है जब स्कूल संचालक अपना मैदान दिखाएंगे और उसमें वाहनों को संचालित करने वाला ट्रैक भी दर्शाया जाएगा। यह सब मानक पूरे करने के बाद ही ड्राइविंग लाइसेंस स्कूल की अनुमति की जाती हैं। कागजों में कुछ और है धरातल पर कुछ और…।
वास्तविकता जो भी है ड्राइविंग स्कूल का संचालन कागजों में मैदान में दिखाया जा रहे हैं, लेकिन गाड़ियां भीड़ भाड़ इलाकों में अनट्रेंड ड्राइवर को ड्राइविंग का प्रशिक्षण देते हुए देखी जा सकती हैं। जनवाणी फोटो जर्नलिस्ट ने ड्राइवर का प्रशिक्षण देने वाली गाड़ियों को भीड़ भरे बाजारों में कैमरे में कैद कर दिया, जिसके चलते शहर में आए दिन दुर्घटना हो रही है।
मगर इसके बाद भी ड्राइविंग स्कूल संचालक बाज नहीं आ रहे हैं। आपको किसी भी रोड पर ड्राइविंग का प्रशिक्षण देते हुए गाड़ी मिल जाएगी, जबकि गाड़ी को अनट्रेंड ड्राइवर को प्रशिक्षण सिर्फ मैदान में बनाए गए ट्रैक पर ही दिया जा सकता है, लेकिन यहां एकदम उल्टा चल रहा है। इनके ड्राइविंग स्कूल की मान्यता भी आरटीओ स्तर से खत्म नहीं की जा रही है, जिसके चलते ड्राइविंग संचालक का दुस्साहस बढ़ता जा रहा है।

