जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: कश्मीर में खात्मे की कगार पर पहुंच चुके आतंकी संगठन अब जम्मू संभाग को निशाना बनाने की साजिशें रच रहे हैं। इसके लिए सीमा पार से ड्रोन का सहारा लिया जा रहा है। जम्मू में एक बार फिर से ड्रोन दिखाई दिया है। जम्मू एयरफोर्स स्टेशन के पास बुधवार रात को एक ड्रोन को देखा गया है। जिसके बाद सुरक्षाबल सतर्क हो गए।
इससे पहले भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अरनिया और हीरानगर सेक्टर में पाकिस्तानी ड्रोन की संदिग्ध गतिविधि से हड़कंप मच गया था। अरनिया सेक्टर में बीएसएफ के जवानों ने आसमान में लाल रंग की लाइट देखते ही फायरिंग कर दी।
Jammu and Kashmir: A drone was spotted near the Air Force station in Jammu last night. Details awaited.
— ANI (@ANI) July 15, 2021
बताया जा रहा है कि यह पाकिस्तान ड्रोन था, जिसे वापस खदेड़ दिया गया। वहीं कठुआ के हीरानगर सेक्टर में स्थानीय लोगों ने ड्रोन जैसी आवाज सुनी। आसमान में पीले रंग की लाइट भी देखी। दोनों ही जगह एहतियातन तलाशी अभियान चलाया गया लेकिन कोई भी आपत्तिजनक सामग्री या सुराग नहीं लगा।
मंगलवार देर रात को अरनिया सेक्टर में करीब 200 मीटर की ऊंचाई पर लाल रंग की लाइट दिखाई दी। यह लाइट पाकिस्तान की ओर ही थी। ड्रोन के इस तरफ आने की आशंका पर बीएसएफ के जवानों ने फायरिंग की, जिसके तुरंत बाद यह लाइट वाला उपकरण पाकिस्तान की तरफ ही चला गया। उधर, हीरानगर के करोल बिद्दो इलाके में मंगलवार रात करीब 10.30 बजे स्थानीय लोगों ने आसमान में ड्रोन जैसी आवाज सुनी। सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया। आवाज कुछ देर के बाद शांत हो गई।
स्थानीय निवासी रतन लाल ने बताया कि उन्होंने ड्रोन जैसी आवाज सुनी। आकाश में पीले रंग की लाइट भी दिखाई दी। यह लाइट कुछ समय में ही गायब हो गई। सूत्रों ने बताया कि बीएसएफ के जवानों ने ड्रोन होने के अंदेशे पर स्थानीय लोगों को साथ लेकर इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया। करोल मात्रयां, करोल बिद्दो, करोल कृष्णा के रिहायशी इलाकों के अलावा जंगलों को भी खंगाला गया। लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
दो जुलाई को भी अरनिया में दिखा था ड्रोन
अरनिया सेक्टर ड्रोन गतिविधि के लिहाज से बेहद संवेदनशील हो गया है। दो जुलाई को भी अरनिया सेक्टर में पाकिस्तानी ड्रोन इस तरफ घुस आया था, जिसे बीएसएफ क जवानों ने गोलियां दागकर खदेड़ दिया था।
27 जून को ड्रोन से हुआ था हमला
पाकिस्तान ने जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर 27 जून को ड्रोन से आरडीएक्स गिराकर दो विस्फोट किए थे। इसमें वायुसेना के दो जवान घायल हो गए थे। एनआईए जांच के अनुसार ड्रोन पाकिस्तान से आए थे और हमला कर लौट गए थे। इसके बाद से विभिन्न जिलों में ड्रोन समेत उड़ने वाले खिलौनों के इस्तेमाल पर जिला मजिस्ट्रेट की ओर से रोक लगाई गई है।
यूमट पोस्ट से इस साल तीसरी बार भेजा गया पाकिस्तानी ड्रोन
अंतरराष्ट्रीय सीमा के अरनिया सेक्टर में पाकिस्तान इस साल तीन बार ड्रोन भेज कर इस ओर की फोटोग्राफी कर चुका है। मंगलवार की देर रात जबोयाल व छावनी पोस्ट इलाके में ड्रोन देखे जाने की यह तीसरी घटना थी।
इसी वर्ष अप्रैल से मंगलवार तक पाकिस्तान द्वारा इसी एयर स्पेस का इस्तेमाल कर ड्रोन भेजे गए थे। सबसे अधिक हैरान करने वाली बात यह है कि तीनों बार ही यूमट नामक पाकिस्तानी बीओपी से ड्रोन भेजे गए थे। जो करीब छह मीटर की दूरी पर स्थित है।
सूत्रों के अनुसार जबोयाल और छावनी पोस्ट के बीच का रास्ता काफी संवेदनशील है। इसीलिए पाकिस्तान की तरफ से इसी एयर स्पेस से पाकिस्तान तीन बार ड्रोन भेज चुका है। 24 अप्रैल को इसी एयर स्पेस का इस्तेमाल करते हुए जबोयाल व विक्रम पोस्ट पर ड्रोन भेज कर घुसपैठ की।
दो जुलाई को जबोयाल पोस्ट में ड्रोन से घुसपैठ की गई और अब मंगलवार देर रात को जबोयाल व छावनी पोस्ट के पास ड्रोन भेजा गया। सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि तीनों ही बार ड्रोन यूमट नामक पाकिस्तानी बीओपी से उड़ाया गया और तीनों बार इसी एयर स्पेस का इस्तेमाल किया गया।

