जनवाणी संवाददाता |
चांदपुर: इसे नगर वासियों का दुर्भाग्य कहे या अधिकारियों की लापरवाही नगर में पेयजल आपूर्ति दुरुस्त करने के लिए चार वर्ष पूर्व शुरू हुई ₹38 करोड़ की पेयजल परियोजना आज तक पूरी नहीं हो सकीय है । करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद नगर वासियों को आज तक इस योजना से बूंद भर पानी नसीब नही हुआ है।
इतना ही नही योजना में स्वीकृत पांच ओवरहेड टैंक में से तीन ओवर हेड टैंक व पंप ही बन सके है । अन्य दो स्थानों पर आज तक काम भी शुरु नही हुआ है ।
इसे नगर वासियों का दुर्भाग्य कहें या पालिका अधिकारियों की लापरवाही की 5 वर्ष में भी 38 करोड़ रुपए की पेयजल योजना आज तक पूरी नहीं हो सकी है ।
नगरवासी गर्मी के मौसम में बूंद बूंद पानी के लिए तरस जाते हैं ।वर्ष 2016 में पूर्व पालिका अध्यक्ष शेरबाज पठान के कार्यकाल में नगरवासियों की पेयजल किल्लत को दूर करने के लिए नगर में 38 करोड़ रुपए लागत की पेयजल योजना स्वीकृत हुई थी । योजना के अंतर्गत नगर में पांच स्थानों पर ओवरहेड टैंक तथा इससे दुगनी संख्या में पंप का निर्माण होना था। नगर पालिका द्वारा भूमि उपलब्ध कराने के उपरांत ओवरहेड टैंक व वाटर पंप निर्माण की जिम्मेदारी जल निगम की थी। पालिका द्वारा उस समय नगर पालिका परिसर के साथ ही बास्टा चुंगी व नगर के पतियापड़ा चौक के पास स्थित विद्यालय परिसर में ओवरहेड टैंक तथा वाटर पंप निर्माण के लिए भूमि प्रदान की गई थी।
इतना ही नहीं रेलवे लाइन से पूरब दिशा में बसी आबादी को पेयजल आपूर्ति करने के लिए फीना बस्ती में तथा नगर के दूसरे छोर पर स्थित दया विहार कॉलोनी के निकट भी ओवरहेड टैंक व वाटर पंप निर्माण के लिए भूमि चिन्हित की गई थी ।उस समय पालिका परिसर, बास्टा चुंगी तथा पतियापड चौक के निकट योजना की शुरुआत करते हुए ओवरहेड टैंक व वाटर पंप का निर्माण शुरु भी करा दिया गया था।
प्रदेश के साथ ही नगर पालिका में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद तीन स्थानों पर वाटर पंप व ओवरहेड टैंक का निर्माण चलता रहा लेकिन अन्य दो स्थानों पर योजना की शुरुआत ही नही हो सकी। निर्माण कार्य की धीमी गति के चलते आज तक योजना का कार्य लगभग 5 वर्ष बाद भी पूरा नही हो सका है। नगर वासियों को 38 करोड़ की इस योजना का बून्द भर लाभ नहीं मिल सका है।
करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद भी नगर वासियों को इस योजना से बूंद भर पानी आज तक नसीब नहीं हुआ है। नगर पालिका परिसर के साथ ही परियापाडा चौक पर ओवरहेड टैंक व वाटर पंप का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। लेकिन चल निगम द्वारा 38 करोड़ की योजना के अंतर्गत बने पंप व वाटर ओवरहैण्ड टैंक को नगर पालिका को नहीं सौंपा गया।
वही बास्टा चुंगी के पास बन रहे ओवरहेड टैंक का धीमी गति से चल रहा निर्माण कार्य आज तक पूरा नहीं हो पाया है। योजना के अंतर्गत तीन स्थानों पर शुरु हुऐ ओवरहेड टैंक व वाटर पंप निर्माण का कार्य पूरा न होने से नगर वासियों को योजना का कोई लाभ नहीं मिला। वही नगर वासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए बनी 38 करोड़ की इस योजना से रेलवे लाइन के दूसरे छोर पर बसी आबादी योजना महरूम रह गई है।
वहां पर ओवरहैण्ड टैंक व पंप का निर्माण होने से क्षेत्र के लोगों की शुद्ध पेयजल मिलने की उम्मीद अधर में लटक गई है। पूर्व पालिका अध्यक्ष शेरबाज पठान ने बताया कि उनके कार्यकाल में 38 करोड़ पेयजल योजना से 5 ओवर हेड टैंक व दुगने पंप निर्माण की स्वीकृति मिली थी। उन्होंने रेलवे लाइन की पूर्व दिशा में बसी बस्ती में भी शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ओवरहेड टैंक व पंप निर्माण के लिए जमीन चिन्हित कराई थी जिस पर आज तक निर्माण नहीं हुआ है।
योजना के अंतर्गत 5 ओवर हैड टैंक तथा इससे दुगनी संख्या में वाटर पंप तथा 42 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन डाली जानी थी । जिसका कार्य आज तक अधूरा है । सत्ता परिवर्तन होने के बाद करोड़ों रुपए की यह आधर में लटकी है है और नगर वासी बून्द बून्द पानी के लिए तरस रहे है ।

