- आखिर कब मिलेगा लावड़ को डिग्री कॉलेज?
जनवाणी संवाददाता |
लावड़: अंग्रेजी हुकूमत द्वारा ऐतिहासिक कस्बा लावड़ को टाउन घोषित किया गया, लेकिन इसके टाउन घोषित होने के मायने शिक्षा के लिहाज से देखे जाए तो सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गए। शिक्षा के लिहाज से इस कस्बे में विकास होता दिख नहीं रहा है।
इंटरमीडिएट की शिक्षा ग्रहण करने के बाद अक्सर इस कस्ब्ो की बेटियां अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ देती है, क्योंकि इसका मुख्य कारण डिग्री कॉलेज की स्थापना न होना है। कुछ बेटियों के अभिभावक कस्बे से दूर लगभग 25 किमी की दूरी पर महानगर में स्थित डिग्री कॉलेज में पढ़ने की अनुमति नहीं देते तो कुछ बेटियां खुद ही पढ़ाई से वंचित हो जाती है। क्योंकि उनके सामने सुरक्षा का भी एक बड़ा जिम्मा होता है।
ऐसे में अगर डिग्री कॉलेज की स्थापना हो जाए तो शायद बेटियां पढ़ाई से वंचित न रह पाए। लावड़ की आबादी लगभग 35 हजार के करीब होगी। यह कस्बा महानगर से 25 किमी की दूरी पर स्थित है। इस कस्बे में एक कन्या इंटर कॉलेज स्थापित है। जबकि प्राइवेट इंटर कॉलेज भी यहां पर है, लेकिन डिग्री कॉलेज की इस कस्बे को दर किनार है, लेकिन इस कस्ब्ो में आज तक डिग्री कॉलेज नहीं बना है।
जनप्रतिनिधि कोई भी हो सरकार किसी भी जनप्रतिनिधि की हो सिर्फ सभी ने यहां डिग्री कॉलेज बनाने का आश्वासन दिया है, लेकिन इस आश्वासन को धरातल पर लाने का काम किसी भी जनप्रतिनिधि नहीं किया है। यहां डिग्री कॉलेज की स्थापना करने के लिए वर्षों से मांग की जा रही है, लेकिन यह मांग सिर्फ और सिर्फ मांग ही रह जाती है। इसे अमली जामा पहनाने का अभी तक कोई कार्य नहीं हुआ है।
डिग्री कॉलेज बने तो बेटियां करेगी देश प्रदेश का नाम रोशन
कस्बे के हाजी शकील, गौरव गुप्ता, डा. खुशनसीब और महलका एजुकेशन सेंटर के संचालक शहजाद नसीर का कहना है कि डिग्री कॉलेज के बनने से बेटियां शिक्षा से वंचित नहीं रह पाएगी। इसलिए कस्बे को इस समय डिग्री कॉलेज की बेहद आवश्यकता है। डिग्री कॉलेज अगर बन जाए तो शायद इसके बनने से बेटियां कस्बे के साथ-साथ अपने देश और प्रदेश का नाम रोशन करे। इसलिए कस्बे में डिग्री कॉलेज की स्थापना होनी चाहिए। हालांकि सरकार से मांग की जा रही है।