Sunday, March 22, 2026
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SC: सुनवाई के दौरान वकील ने CJI बीआर गवई पर जूता फेंकने की कोशिश, कोर्ट की कार्यवाही कुछ देर बाधित

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: भारत के सर्वोच्च न्यायालय में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक व्यक्ति ने मुख्य न्यायाधीश (CJI) बीआर गवई पर जूता फेंकने की कोशिश की। यह घटना सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही के दौरान हुई, जिससे कुछ समय के लिए अदालत का कामकाज बाधित हो गया।

प्राप्त रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना के वक्त कोर्ट में सुनवाई चल रही थी, तभी एक व्यक्ति वकील की वेशभूषा में दौड़ते हुए बेंच के पास पहुंचा और सीजेआई की ओर जूता फेंकने की कोशिश की। हालांकि, सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत हरकत में आते हुए उसे पकड़ लिया और कोर्ट से बाहर निकाल दिया।

नारेबाजी और विरोध के सुर

मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी व्यक्ति ने कोर्टरूम में “सनातन धर्म का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान” जैसे नारे भी लगाए। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि उस व्यक्ति ने जूता नहीं, बल्कि कागज का रोल फेंका। लेकिन अदालत परिसर में मौजूद सूत्रों और वेबसाइट Bar and Bench की रिपोर्ट के अनुसार, यह व्यक्ति वकील के कपड़ों में था और उसका इरादा चीफ जस्टिस पर जूता फेंकने का ही था।

CJI का संयमित जवाब: “मुझे फर्क नहीं पड़ता”

घटना के बाद मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने संयमित प्रतिक्रिया देते हुए कहा “मुझे इन घटनाओं से कोई फर्क नहीं पड़ता। इसके साथ ही उन्होंने कोर्ट की कार्यवाही जारी रखने का आदेश दिया। इस बयान से उन्होंने न्यायपालिका की गरिमा और मर्यादा बनाए रखी।

सुरक्षा जांच और पूछताछ शुरू

सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने इस गंभीर सुरक्षा चूक को लेकर जांच के आदेश दे दिए हैं। संबंधित व्यक्ति की पहचान और मंशा की जांच की जा रही है। चूंकि वह वकील की ड्रेस में था, इसलिए यह भी देखा जा रहा है कि वह पंजीकृत अधिवक्ता था या नहीं।

सीजेआई की टिप्पणी पर सोशल मीडिया पर विरोध

यह घटना ऐसे समय हुई है जब मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई हाल ही में खजुराहो के जवारी मंदिर में भगवान विष्णु की मूर्ति को लेकर दायर याचिका पर टिप्पणी के चलते सोशल मीडिया पर निशाने पर आए थे।

सीजेआई ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पहले ही स्पष्ट किया था “मैं सभी धर्मों का सम्मान करता हूं। मेरी टिप्पणियों को गलत तरीके से पेश किया गया है।”

सुप्रीम कोर्ट की गरिमा पर सवाल

इस घटना ने एक बार फिर कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट जैसे संवेदनशील और सर्वोच्च संस्थान में ऐसी घटना का होना गंभीर चिंता का विषय है। अब देखना होगा कि जांच में क्या निकलकर सामने आता है और क्या कार्रवाई की जाती है।

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