- चल रही खुली लूट, बड़े उद्योगपतियों को भेजे गए नोटिस
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सरकार की छवि को ऊर्जा निगम के अधिकारी दागदार बना रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ साफ-सुथरी छवि वाले हैं, लेकिन उनकी छवि को भी ऊर्जा निगम बिगाड़ रहा हैं। ऊर्जा निगम में खुली लूट चल रही है। उपभोक्ता को ऊर्जा निगम के अधिकारी ठगने से बाज नहीं आ रहे हैं।
दरअसल, ऊर्जा निगम ने मार्च माह में बड़े उद्योगपतियों को नोटिस भेजें। नोटिस में मार्च माह का भी बिल बना कर भेज दिया, जो एडवांस हैं। बकायदा मार्च 2022 का भी देय बिल दर्शाया गया। दस दिन या पन्द्रह दिन का बिल किसी से नहीं वसूला जाता। यह तो सीधे फिरौती वसूली की तरह है।
इस तरह से मार्च माह का बिल तभी भेजा जा सकता है, जब अप्रैल माह आ गया हो, लेकिन ऊर्जा निगम के अधिकारी उपभोक्ताओं को ठगने के लिए क्या-क्या नहीं कर रहे हैं? यह सब लक्ष्य पूर्ति के लिए उपभोक्ताओं से एडवांस पैसा लिया जा रहा है। एडवांस बिल लेने का कोई भी नियम नहीं है, लेकिन ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने खुद ही नियम तैयार कर दिए हैं। ऐसा करने से प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि को धूमिल करने का काम किया जा रहा हैं।
भले ही बाइलॉज में कुछ भी हो, लेकिन उनके निजी नियम ऊर्जा निगम में चलाए जा रहे हैं। कुछ उद्योगपति तो ऐसे भी हैं, जिन्होंने नोटिस आने के बाद मार्च माह का भी भुगतान कर दिया, जो एक तरह से एडवांस लिया गया भुगतान है। आखिर अधिकारियों ने नियम विरुद्ध यह एडवांस वसूली का काम कैसे शुरू कर दिया?
क्या शासन स्तर से एडवांस बिजली बिल लेने का आदेश हुए है। जब इस बारे में एक्स्ईएन,एससी व चीफ इंजीनियर से पूछा गया तो उनका कहना था कि एडवांस बिल लेने का कोई प्रावधान नहीं है, लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि फिर एडवांस बिल के लिए नोटिस क्यों भेजे गए?
‘जनवाणी’ के पास भी जो उद्योगपतियों को गुलाबी कलर की नोटिस भेजी गई वह मौजूद है, जिसमें बकायदा कहा गया है कि तीन दिन के अंदर पूरा विद्युत बिल भुगतान के साथ ही यह भी धमकी दी गई कि एडवांस बिल जमा नहीं किया तो बिजली कनेक्शन का विच्छेदन कर दिया जाएगा। इस तरह से ऊर्जा निगम के अधिकारी उद्योगपतियों को डराया-धमकाया जा रहा हैं और एडवांस बिल जमा कराए जा रहे हैं।
इस तरह के मामलों की शिकायत उद्योगपतियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से लेकर ऊर्जा मंत्री तक कर दी है। क्योंकि लक्ष्य पूरा करने के लिए ऊर्जा निगम के अधिकारी एडवांस बिजली का बिल लगातार नोटिस भेजकर वसूल कर रहे हैं, जो नियम विरुद्ध है। इस वसूली को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पहले तो जर्जर विद्युत तारों को नहीं बदला जा रहा हैं, ऊपर से ऊर्जा निगम के अधिकारी पावर कट करा रहे हैं, फिर एडवांस बिजली बिल देने के लिए डराया-धमकाया जा रहा हैं। व्यापारी नेता विजय आनंद ने भी इसकी शिकायत की हैं, ताकि नोटिस देकर धमकाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
भूमिगत की प्लानिंग कहां गई?
पुराने बाजार में भूमिगत विद्युत लाइन की प्लानिंग बनी थी। यह सुविधा तो व्यापारियों को दी नहीं जा रही हैं, ऊपर से धमकी भरे नोटिस भेजे जा रहे हैं। एडवांस बिजली बिल लेकर व्यापारियों को धमकाया और डराया जा रहा हैं। ऊर्जा निगम के अधिकारियों के इस तरह के रवैये से व्यापारी वर्ग त्रस्त हैं।
व्यापारी नेता विजय आनंद का कहना है कि लंबे समय से पुराना सर्राफा बाजार में भूमिगत बिजली लाइन दबाने की मांग की गई, मगर इस मांग को ऊर्जा निगम के अधिकारी पूरी नहीं कर रहे हैं। सिर्फ कागजों पर प्लान बन रहे हैं धरातल पर नहीं। एडवांस बिल तो वसूला जा रहा हैं, मगर सुविधा व्यापारी वर्ग को नहीं दी जा रही हैं। यह मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाया जाएगा, ऐसा व्यापारियों को कहना हैं।

