- मंढियाई में अलसुबह चेकिंग करने पहुंची थी विद्युत टीम ग्रामीणों ने चोर समझ बनाया बंधक
- एसडीओ और ग्रामीणों ने कोतवाली में दी तहरीर
जनवाणी संवाददाता |
सरधना: शनिवार सुबह विद्युत विभाग की टीम मंढियाई गांव में चेकिंग के नाम पर घरों में घुस गई। ग्रामीणों ने समझा कि बदमाश आ गए। जिसको लेकर हंगामा हो गया। ग्रामीणों ने एसडीओ समेत पूरी टीम को बंधक बना लिया और उनके मोबाइल व अन्य सामान छीन लिया। बाद में पहचान होने पर हकीकत का पता चला। जिसके बाद गांव के जिम्मेदार लोगों ने दिन में और नियमानुसार चेकिंग करने की बात कहकर उन्हें भेज दिया।
विद्युत टीम ने कोतवाली पहुंच कर तमाम आरोप लगाते हुए कई ग्रामीणों के खिलाफ तहरीर दे दी। पता चलने पर आधा दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने भी कोतवाली पहुंच कर अवैध वसूली करने व महिलाओं के साथ अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए टीम के खिलाफ तहरीर दी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
शनिवार सुबह करीब साढे पांच बजे एसडीओ दिनेश सिंह जेई व अन्य कर्मचारियों के साथ मंढियाई गांव में चेकिंग करने पहुंच गए। आरोप है कि बिना बताए विद्युत टीम छत के रास्ते घरों में घुस गई। ग्रामीणों ने समझा की बदमाश आ गए। जिस पर ग्रामीणों ने शोर मचा दिया। ग्रामीणों की भीड़ ने सभी को पकड़ लिया और बंधक बना लिया। इतना ही नहीं सभी के मोबाइल व अन्य सामान छीन लिया।

अन्य जिम्मदार लोग पहुंचे तो टीम की पहचान हुई। जिसके बाद उनका सामान लौटाया गया। प्रधान पुत्र शादाब खान व अन्य गणमान्य लोग भी पहुंच गए। उन्होंने टीम से दिन में नियमानुसार चेकिंग करने की बात कही। साथ ही इस तरह की हरकत पर नाराजगी जताई। टीम वहां से चुपचाप लौट आई। कोतवाली पहुंच कर तमाम आरोप लगाते हुए ग्रामीणों के खिलाफ तहरीर दे दी। ग्रामीणों को पता चला तो दर्जनों की संख्या में वह भी पहुंच गए।
दस ग्रामीणों ने अलग-अलग तहरीर देते हुए घर में घुसकर महिलाओं से अभद्रता करने और अवैध वसूली का आरोप लगाया। साथ ही चेकिंग के नाम पर पैसे नहीं देने पर फर्जी मुकदमा दर्ज कराने की भी धमकी देने का आरोप लगाया। फिलहाल पुलिस दोनों की तहरीर पर जांच कर रही है। इस संबंध में एसडीओ दिनेश सिंह का कहना है कि टीम चेकिंग करने गई थी। ग्रामीणों ने उनका सामान छीन लिया और धक्का-मुक्की की।
चेकिंग के नाम पर ग्रामीण हो रहे परेशान
ग्रामीणों का कहना था कि चेकिंग के नाम पर उन्हें परेशान किया जाता है। आए दिन किसी न किसी के घर में घुस जाते हैं और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करते हैं। पैसे नहीं देने पर रिपोर्ट दर्ज कराने की धमकी दी जाती है। इससे पहले भी विद्युत टीम दर्जनों ग्रामीणों के साथ ऐसा कर चुकी है।
अलसुबह चेकिंग करने की क्या जल्दी?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि विद्युत अधिकारियों को इतना सुबह चेकिंग करने की क्या जल्दी थी कि सह तरह दिन भी नहीं निकलने दिया। उसमें भी कोई पुलिसकर्मी साथ में नहीं। जिसके घर में चेकिंग करने जा रहे हैं, उसके मुख्यिा या ग्राम प्रधान से भी कोई बात नहीं की जा रही। चेकिंग के नाम पर सीधा घर में घुसना और वीडियो बनाने जैसी कार्रवाई। घर के अंदर महिला या पुरुष किस अवस्था में हैं, इस बात से कोई मतलब नहीं। इन्हीं कमियों के चलते विरोध होना लाजमी है।

