
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश में स्वयं माफियाराज खत्म करने का दावा करते हैं। सरकार यह ढिंढोरा पीटती है कि राज्य से अपराध का समूल सफाया हो गया है। लेकिन तस्वीर इसके उलट है। अदालतें और जेल भी सुरक्षित नहीं हैं। लखनऊ के कौसरबाग की अदालत में हुईं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के माफिया संजीव महेश्वरी उर्फ जीवा की हत्या कम से कम यही साबित करती है। हालांकि यह कोई नई घटना नहीं है। अदालतों में गोलीकांड की एक नहीं अनगिनत घटनाएं हैं। यही हालात जेलों की है यहां भी कभी-कभी ऐसी घटनाएं होती हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस घटना के बाद ला-एण्ड-आॅर्डर का सवाल उठाया है। उन्होंने प्रदेश में बढ़ते अपराध और महिलाओं की सुरक्षा पर भी सरकार को घेरा है। पत्रकारों से अपराध का डाटा भी गिनाते दिखे। कन्नौज की घटना पर भी उन्होंने सवाल उठाया है।