जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: यह पहली बार नहीं है कि धोनी ने अचानक लिए फैसले से सबको चौंकाया। इससे पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी टेस्ट और वनडे की कप्तानी धोनी ने अचानक ही छोड़ी थी। हालांकि, इसमें कोई शक नहीं कि चाहे अंतरराष्ट्रीय करियर हो या आईपीएल करियर, धोनी की कैप्टेंसी रिकॉर्ड की कोई बराबरी नहीं है।
अंतरराष्ट्रीय करियर में धोनी ने 300 से ज्यादा मैचों में कप्तानी की और उसमें उनकी जीत का प्रतिशत 50 फीसद से ऊपर रहा। वनडे, टी-20 और टेस्ट मिलाकर धोनी ने 332 मैचों में टीम इंडिया की कमान संभाली। इसमें से 178 मैचों में जीत मिली, जबकि 120 मैचों में भारत को हार का सामना करना पड़ा। धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने टी-20 वर्ल्ड कप (2007), वनडे वर्ल्ड कप (2011) और चैंपियंस ट्रॉफी (2013) का खिताब अपने नाम किया।
वहीं, आईपीएल की बात करें तो धोनी ने 2008 यानि पहले सीजन में ही चेन्नई की कप्तानी संभाली थी। पिछले 14 सीजन में धोनी ने 204 मैचों में सीएसके की कप्तानी की। इसमें से चेन्नई ने 121 मैच जीते और 82 में हार का सामना करना पड़ा। धोनी के नेतृत्व में चेन्नई सुपर किंग्स ने चार बार (2010, 2011, 2018 और 2021) आईपीएल ट्रॉफी जीती और दो चैंपियंस लीग (2010, 2014) का खिताब अपने नाम किया।
धोनी को टी-20 अंतरराष्ट्रीय की कप्तानी 2007 में सौंपी गई थी। तब उन्होंने टी-20 विश्व कप में भारत को जीत दिला, सबका दिल जीता था। इसके बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने उन्हें वनडे की कप्तानी भी सौंप दी थी। धोनी की ही कप्तानी में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में त्रिकोणीय वनडे सीरीज में हराया था। 2008 में खेले गए इस सीरीज का नाम कॉमनवेल्थ बैंक सीरीज था, जिसमें ऑस्ट्रेलिया, भारत के अलावा श्रीलंका तीसरी टीम थी।
2008 में अनिल कुंबले के टेस्ट से संन्यास लेने के बाद धोनी को टेस्ट की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई। इसके बाद धोनी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और टीम इंडिया को लगातर कामयाबी की ऊंचाइयों पर ले गए। धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया 2010 में टेस्ट में नंबर एक टीम बनी थी। वहीं, 2011 में भारत ने श्रीलंका को हराकर वनडे विश्व कप भी जीता था। 2013 में भारत ने धोनी की कप्तानी में चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में इंग्लैंड को उसी के घर में हराया था।
2008 मेंं ही आईपीएल की घोषणा हुई। इसके बाद हुए ऑक्शन में धोनी को चेन्नई ने छह करोड़ रुपये में खरीदा था। वह उस ऑक्शन के सबसे महंगे खिलाड़ी रहे थे। इसके बाद धोनी का चेन्नई और चेन्नई का धोनी से ऐसा दिल लगा कि वे सीएसके के रहते किसी और टीम के लिए खेले ही नहीं। 2016 और 2017 में चेन्नई पर बैन लगा था, तभी बस धोनी को मजबूरन राइजिंग पुणे सुपरजाएंट्स से खेलना पड़ा था। धोनी की कप्तानी में सीएसके की टीम वाकई चैंपियन की तरह खेली।
भारतीय टीम 2014 में ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर गई थी। तब एडिलेड में खेले गए पहले टेस्ट में धोनी चोट की वजह से नहीं खेले। दूसरे टेस्ट में उन्होंने वापसी की और कप्तानी की। दूसरे टेस्ट के बाद धोनी ने अचानक टेस्ट से संन्यास लेने का एलान कर दिया। उस फैसले ने भारतीय क्रिकेट के सभी फैन्स को चौंका कर रख दिया था।
ऐसा ही कुछ 2017 में हुआ। 2017 में धोनी ने अचानक से वनडे और टी-20 की कप्तानी छोड़ना का एलान किया था। हालांकि, वह 2019 वर्ल्ड कप तक सीमित ओवर क्रिकेट खेलते रहे। इसके बाद एक साल तक धोनी ने किसी को कोई जानकारी नहीं दी कि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलेंगे या नहीं।
15 अगस्त 2020 को शाम सात बजे के आसपास धोनी ने अचानक से वनडे और टी-20 से भी संन्यास का एलान कर दिया। फैन्स के लिए वह काफी दुखद पल था। अब आईपीएल में भी धोनी ने कुछ वैसा ही किया है। माना जा रहा है कि यह धोनी का आखिरी आईपीएल हो सकता है। इसके बाद वह संन्यास ले लेंगे।
धोनी आईपीएल में सबसे ज्यादा शिकार करने वाले विकेटकीपर हैं। उन्होंने विकेट के पीछे कुल 161 शिकार किए हैं। उन्होंने 122 कैच पकड़े हैं और 39 स्टंपिंग की हैं। दूसरे नंबर पर मौजूद कर्तिक से धोनी 14 शिकार आगे हैं।
धोनी आईपीएल में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी भी हैं। उन्होंने 220 मैच खेले हैं। इस दौरान उन्होंने 39.55 के स्ट्राइक रेट से 4746 रन बनाए हैं। धोनी के बाद दिनेश कार्तिक दूसरे सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी हैं। कार्तिक ने 213 आईपीएल मैच खेले हैं।
बतौर कप्तान सबसे ज्यादा आईपीएल मैच खेलने के मामले में भी धोनी सबसे आगे हैं। उन्होंने 204 आईपीएल मैच में कप्तानी की है। इनमें से 121 मैच में उनकी टीम को जीत मिली है, जबकि 82 में हार का सामना करना पड़ा है। वहीं एक मैच बेनतीज रहा है। धोनी चार ट्रॉफी जीत चुके हैं और नौ बार अपनी टीम को फाइनल में पहुंचाया है।

