- बासमती के दामों में आया बंपर उछाल
जनवाणी संवाददाता |
मोदीपुरम: बासमती के दामों में इस बार बंपर उछाल आया। बासमती की खेती करने वाले किसान भी इस बार मालामाल हो गए। क्योंकि इस बार बासमती के दामों ने कई रिकॉर्ड कायम किए हैं। जनवरी 2023 तक इस बार बासमती के निर्यात में 30 हजार 514 करोड़ रुपये की आमदनी हुई है। हालांकि पिछले वर्ष जनवरी 2022 में 20 हजार 111 करोड़ रुपये की ही आमदनी हुई थी।
इस बार बासमती की खेती करने वाले किसानों के लिए बेहद खुशखबरी है। क्योंकि बासमती की खेती वेस्ट यूपी, हरियाणा और पंजाब में होती है। इसकी खेती करने वाले किसान इस बार बेहद खुश है। उसका कारण है कि इस बार बासमती के दामों में लगातार उछाल आना है। क्योंकि इस बार बासमती के दामों में 51 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। जबकि क्षमता 15 से लेकर 20 प्रतिशत तक बढ़ी है। यह सीजन किसानों के लिए लिहाज से बेहद अच्छा रहा है।
बासमती की नई वैरायटी होगी इस वर्ष रिलीज
बासमती की बढ़ती डिमांड को देखते हुए नई वैरायटी तैयार की गई है। इस वर्ष बासमती की तैयार की गई वैरायटी को रिलीज किया जाएगा। बासमती की वैरायटी को इस बार किसानों को दिया जाएगा। बासमती विकास निर्यात प्रतिष्ठान के प्रधान वैज्ञानिक डा. रितेश शर्मा ने बताया कि

पूसा बासमती 1847 पूसा बासमती 1692 पूसा बासमती 1885 पूसा बासमती 1886 नई वैरायटी तैयार की गई है। यह ज्यादा उपज वाली वैरायटी है। बीमारी भी इसमें नही लगेगी। 20 अप्रैल से 1692 का बीज संस्थान से किसानों को वितरित किया जाएगा। अन्य वैरायटी का बीज नई दिल्ली पूसा से मिलेगा।
ये रहे बासमती के दामों में उछाल आने के कारण
- बासमती की डिमांड़ बढ़ने से किसानों को ज्यादा दाम मिला
- पाकिस्तान में भी बासमती की पैदावार होती है, लेकिन वहां बाढ़ आने के कारण इस बार बासमती की पैदावार नही हो सकी
- कई देशों में बासमती की पैदावार को लेकर काफी नुकसान हुआ है। खास कारण मौसम की खराबी रहा है।
- भारत में भी बासमती का उत्पादन कम हुआ है। जिसके चलते डिमांड़ बढी है।

वैरायटी इस वर्ष दाम पिछले वर्ष दाम
- पूसा बासमती 1121 5000 प्रति कुंतल 3300 प्रति कुंतल
- पूसा बासमती 1401 5400 प्रति कुंतल 3200 प्रति कुंतल
- पूसा बासमती 1509 4500 प्रति कुंतल 3000 प्रति कुंतल
क्या कहना है इनका
प्रधान वैज्ञानिक डा. रितेश शर्मा ने बताया कि बासमती की डिमांड इस बार बढ़ी है। जिसके चलते दामों में उछाल आया है। इस बार बासमती का उत्पादन कम रहा है। बासमती निर्यात में इस वर्ष देश ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
वर्ष 2023 रहेगा मिलेटस महोत्सव के नाम
प्रधान वैज्ञानिक डा. रितेश शर्मा ने बताया कि मार्च 2021 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत की ओर से मोटे अनाज का प्रस्ताव रखा था। इस प्रस्ताव को दुनिया के 72 देशों ने स्वीकृति प्रदान की थी। जिसके चलते वर्ष 2023 को अन्तर्राष्ट्रीय मिलेटस महोत्सव के रुप में मनाया जा रहा है। भारत में 41 प्रतिशत मोटा अनाज दुनिया का पैदा होता है।

