- किसान कल्याण मिशन अभियान के अंतर्गत किसान मेला व प्रदर्शनी का आयोजन
वरिष्ठ संवाददाता |
सहारनपुर: विधायक रामपुर मनिहारान देवेन्द्र निम ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार किसानों के हितों के लिए पूरी तरह से सजग और प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने शपथ लेने के तुरंत बाद प्रदेश के 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ रुपए का बैंक कर्ज माफ करने का ऐतिहासिक कार्य किया।
उन्होंने कहा कि किसानों का वह कर्ज पिछली सरकारों की नाकामियों और किसान विरोधी होने का नतीजा था। उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकारों ने किसानों को खुशहाल करने में कोई कसर बाकी नहीं रख रही है। उन्होंने कहा कि केन्द्र व प्रदेश की सरकारें किसानों को उनकी मेहनत का समुचित मूल्य दिलाये जाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर किसानों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं होगी।
देवेन्द्र निम आज यहां जनमंच सभागार में किसान कल्याण मिशन अभियान के अन्तर्गत आयोजित किसान मेला एवं किसान प्रदर्शनी कार्यक्रम में किसानों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार इस क्षेत्र की बन्द शुगर मिल को चलवाने के प्रयास कर रही है।
इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि वो चीनी मिलों को चलवाने के लिए हर जरूरी कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि किसानों को परेशानी का सामना न करना पडे़। उन्होंने कहा कि वर्तमान केन्द्र और राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए संकल्पित है। वैश्विक माहमारी कोरोना काल में देश की अर्थव्यवस्था को देश के किसान ने सहारा दिया है।
उन्होने कहा कि इन अन्नदाताओं के कारण ही कोरोना काल में कोई भी भूखे पेट नही रहा। जिस समय सब कुछ बन्द था और सब लोग अपने घरों में कैद थे, उस समय भी इस अन्नदाता किसान ने देश की अर्थव्यवस्था को बनाए रखने और अन्न पैदा करने के लिये खेतों में मेहनत कर रहा था। उन्होंने कहा कि किसान अपनी फसल में किसी भी प्रकार की कोई मिलावट नही करता है।
इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष महेन्द्र सैनी ने कहा कि किसान कल्याण मिशन के अन्तर्गत यह एक भव्य आयोजन है जो मानव विकास के अन्तर्गत आता है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने विभिन्न विभागों की स्टालों का निरीक्षण किया तथा संबंधित विभाग और कृषकों को बधाई दी और उनका उत्साहवर्धन भी किया। मेले में कृषि वैज्ञानिकों द्वारा कृषि तकनीक पर विस्तृत रूप में चर्चा की गयी। तथा विभिन्न विभागीय अधिकारियों द्वारा अपने-अपने विभागों से सम्बन्धित योजनाओं की जानकारी भी कृषकों को दी गयी।

