- फ्लैटों के आवंटन के बाद चल रहा था सड़क निर्माण कार्य
- खुद को ठगा महसूस कर रहे आवंटी, नहीं मिल पाया कब्जा
- दो मार्च को किसानों के साथ होगी वार्ता
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मुआवजा और प्लॉट न दिये जाने से नाराज किसानों ने आवास विकास परिषद की स्कीम 11 में जाकर शुक्रवार को निर्माण कार्य रुकवा दिया और घंटों हंगामा किया। इस दौरान किसानों की अधिकारियों से नोकझोंक भी हुई। किसानों सड़क निर्माण कार्य रुकवा दिया और कहा कि जब तक उनका मुआवजा नहीं मिल जाता वह यहां कोई कार्य नहीं होने देंगे।
इस दौरान अधिकारियों ने किसानों से बातचीत के लिये दो मार्च का समय दिया। आवास विकास परिषद ने वर्ष 2009 में जागृति विहार एक्सटेंशन की स्कीम 11 के लिये किसानों से जमीन एक्वायर की थी। अब से दो वर्ष पूर्व तक यह योजना विकसित हो जानी चाहिए थी, लेकिन आवास विकास परिषद अभी तक मुआवजे को लेकर किसानों के साथ चला आ रहा अपना विवाद सुलक्षा नहीं पाया है।
जिस कारण यहां अभी तक एक-दो को छोड़कर कोई आंवटी कब्जा नहीं ले पाया है। आवास विकास प्रत्येक सेक्टर में कोई न कोई स्कीम निकालता है, लेकिन लोगों का मोह इस ओर से कम होता जा रहा है। एक ओर किसानों का विवाद दूसरी ओर फ्लैटों का न बिक पाना दोनों से अधिकारी परेशान हैं।
यहां तक शासन ने भी अपनी इस स्कीम में फ्लैटों के रेट तक कम करने की बात कही है, लेकिन नतीजा निकलता नजर नहीं आ रहा है। परिषद ने सरायकाजी, काजीपुर, गोसीपुर के किसानों से जमीन एक्वायर की थी, जिसका बढ़े हुए प्रतिकर के हिसाब से रुका हुआ मुआवजा अभी तक नहीं मिल पाया है। वहीं किसानों को प्लॉट भी दिये जाने की बात कही गई थी, लेकिन वह भी नहीं मिल पाये हैं। जिसके चलते यह विवाद चला आ रहा है।

निर्माण कार्य रुकवाया
शुक्रवार को भी काजीपुर, सरायकाजी के किसानों ने स्कीम 11 के सेक्टर पांच में हो रहे सड़क निर्माण कार्य को रुकवा दिया। बतों दे कि अभी 24 फरवरी को ही आवास विकास परिषद ने यहां के फ्लैटों के लिये नंबरिंग करने के लिये लॉटरी निकाली थी, इसके बाद जल्द ही आवंटन लेटर भी दिये जाने थे।
जिसके लिये आवास विकास परिषद की ओर से यहां सड़क निर्माण कार्य और बिजली घर का कार्य कराया जा रहा था, लेकिन काजीपुर निवासी उत्तर प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश सचिव रोहित गुर्जर, किसान बिल्लू सिंह, जयपाल सिंह, एस के शाहरुख, मोहित, पंकज, ऋषभ, इकराम काफी संख्या में किसान यहां पहुंचे और हंगामा किया और यहां चल रहे सड़क निर्माण कार्य और बिजली घर के कार्य को रुकवा दिया।
जिसके बाद मौके पर पहुंचे एक्सईएन एमबी कौशिक ने किसानों को समझा-बुझाकर शांत कराया और किसानों को आश्वासन दिया कि दो मार्च को अधिकारियों और उनके बीच वार्ता कराकर कोई न कोई नतीजा अवश्य निकाला जाएगा।
किसानों और आवास विकास के बीच में फंसे आंवटी
किसानों और अधिकारियों के बीच विवाद को कोई नतीजा न निकल पाने के कारण आवंटियों को पेरशान होना पड़ रहा है। अपने घर का सपना संजोये बैठे लोगों को उनका घर ही नहीं मिल पा रहा है। कुछ को तो यह भी मालूम नहीं है कि कौन-सा फ्लैट या कौन-सा प्लॉट उनका होगा।
किसान कोई कार्य होने ही नहीं देने दे रहे। उधर, आवास विकास ने जो भी स्कीम निकाली थी उन्हें खरीददारों की संख्या ही कम मिल रही थी जिसके चलते पहले से ही परिषद आर्थिक नुकसान झेलता आ रहा है। ऐसे में आवंटी किसानों और परिषद के अधिकारियों के बीच फंस कर रह गये हैं।

