- फास्टैग के लिए परिवहन मंत्रालय ने निर्धारित किया दायरा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ/मोदीपुरम: एनएच-58 हाइवे पर स्थित सिवाया टोल प्लाजा पर एक जनवरी से सभी लाइनें फास्टैग रहित हो जाएगी। परिवहन मंत्रालय द्वारा फास्टैग के लिए दायरा भी निर्धारित कर दिया गया है। सांसद से लेकर विधायक और एमएलसी तक के दायरे को भी मंत्रालय द्वारा निर्धारित किया गया है।
अब सवाल उठता है कि एक जनवरी से फास्टैग रहित हो रहे टोल प्लाजा की लाइनों से फ्री निकलने वाले दबंगों के लिए क्या दायरा होगा और क्या यह दायरा सिर्फ जनता के लिए ही निर्धारित होगा। हालांकि टोलवे कंपनी के प्रबंधन का साफ कहना है कि एक जनवरी से सरकार के आदेश अनुसार फास्टैग की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा और उसका पालन भी मुस्तैदी के साथ कराया जाएगा।
परिवहन मंत्रालय द्वारा जो गाइड लाइन जारी की गई है। उसमें सांसद के लिए दो गाड़ियों पर फास्टैग विधायक के लिए एक गाडी पर फास्टैग एमएलसी के लिए भी एक गाड़ी पर फास्टैग नि:शुल्क निर्धारित किया है। इनकी गाड़ियों नि:शुल्क टोल से होकर निकलेगी। इसके अलावा 37 ऐसी श्रेणियों को मंत्रालय द्वारा शामिल किया गया है। जो टोल से निशुल्क होकर जाएगें। जिनमें विकलांग की गाड़ी जिसका रजिस्ट्रेशन परिवहन विभाग में होगा।
उनकी गाड़ियां भी नि:शुल्क निकलेगी, लेकिन अब सवाल यह उठता है कि मंत्रालय द्वारा यह तो निर्धारित कर दिया गया कि इन लोगों की इतनी गाड़ियां गुजरेगी, लेकिन अगर एनएच-58 हाइवे पर स्थित सिवाया टोल प्लाजा की स्थिति को देखा जाए तो यहां स्थिति अलग है। यहां प्रतिदिन दो हजार से ढाई हजार गाड़ियां नि:शुल्क निकलती है। जो अपनी दबंगई के सहारे जबरन निकालते है। जनवरी में शुरू होने वाली फास्टैग रहित लाइनों से आखिर यह दबंगई करने वाले लोग कैसे निकलेंगे। यह सवालिया निशान उठा रहा है।
एंबुलेंस के लिए नही है कोई लाइन निर्धारित
टोल प्लाजा पर एंबुलेंस के लिए कोई भी लाइन निर्धारित नही की गई है। टोल पर 12 लाइन है। जिनमें छह लाइन आने की छह जाने की है, लेकिन एंबुलेंस के लिए कोई लाइन निर्धारित नही की गई है। जिसके चलते एंबुलेंस को भी जाम में खड़े रहना पड़ता है। ये भी एक परेशानी भरी समस्या बनी हुई है।
पुलिस/फायर ब्रिगेड की गाड़ी/एंबुलेंस निकलेगी नि:शुल्क
फास्टैग रहित लाइन शुरू होने पर पुलिस/फायर ब्रिगेड़ की गाड़ी/एंबुलेंस को नि:शुल्क निकाला जाएगा। इसके अलावा किसी भी वीआईपी की गाड़ी नि:शुल्क नहीं निकलेगी। क्योंकि सांसद और विधायक एवं एमएलसी के अलावा पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मंत्रालय द्वारा दायरा निर्धारित कर दिया गया है, लेकिन राजनीतिक पार्टियों के पदाधिकारियों को इसमें शामिल नहीं किया गया है। राजनीतिक पार्टियों के जिलाध्यक्ष और पूर्व विधायकों को भी इसमें शामिल नहीं है। अब देखना है कि ये नियम किस हद तक लागू होगा।
एक जनवरी से सरकार के आदेश अनुसार टोल प्लाजा की लाइनों को फास्टैग रहित शुरू कर दिया जाएगा। सरकार के आदेशों का सख्ती के साथ पालन कराया जाएगा। जिन लोगों ने फास्टैग नहीं लिया है। वह फास्टैग ले सकते हैं साथ ही आनलाइन भी आवेदन कर सकते हैं। सरकार की गाइड लाइन जो निर्धारित की गई है। उस गाइड लाइन के अनुसार कार्य किया जाएगा। -प्रदीप चौधरी, मैनेजर टोल प्लाजा
परिवहन मंत्रालय ने सभी के लिए दायरा निर्धारित कर दिया है, लेकिन ये एक समस्या है कि इस प्लाजा से दो हजार के लगभग गाड़ियां नि:शुल्क निकलती है। इसके लिए क्या कार्य योजना होगी। इसको लेकर विचार-विमर्श किया जा रहा है। गाइड लाइन के अनुसार कार्य कराया जाएगा। -डीके चतुर्वेदी, परियोजना निदेशक एनएचएआई



