- 16 करोड़ की लागत से बनाई गई उक्त सड़कों का निर्माण कार्य आचार संहिता लागू होने के करीब 10 दिन बाद पूरा हो सका
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: करीब एक दशक से क्षतिग्रस्त कैंट बोर्ड क्षेत्र की 60 सड़कों का भाग्य चुनावी वर्ष में जगा। यह भी एक सांसद द्वारा लोकसभा के शून्य काल में प्रश्न उठाने के बाद संभव हो सका। मतदाताओं को फील गुड़ कराने के लिए ने आखिरकार खजाने का मुंह खोला। 16 करोड़ की लागत से बनाई गई उक्त सड़कों का निर्माण कार्य आचार संहिता लागू होने के करीब 10 दिन बाद पूरा हो सका। हालांकि से सड़कों के निर्माण से लोगों ने राहत महसूस की, लेकिन अब भी उक्त क्षेत्र की अनेक सड़कों का भाग्य नहीं बदल सका, वे क्षतिग्रस्त हैं।
कैंट बोर्ड की हालत आर्थिक रूप से वर्षों से खस्ताहाल में है। जिस कारण करीब एक दशक तक उसकी क्षेत्र की सड़कों का निर्माण नहीं किया जा सका। शासन से जो पैसा आया हर वर्ष सड़कों की मरम्मत की मद में आया वह ऊंट के मुंह में जीरा साबित हुआ। इसी वजह से कैंट की सड़के दिन-ब-दिन क्षतिग्रस्त होती चली गई। हालत ये हुई कि तमाम सड़के गड्ढों में तब्दील हो गई और लोगों को उन पर चलने में खासी दुश्वारियां का सामना करना पड़ा। गड्ढों की वजह से हजारों लोग दुर्घटनाओं का शिकार हुए और उन्हें इलाज करना पड़ा।
शासन से सड़कों की मरम्मत के लिए हर वर्ष एक डेढ़ करोड़ रुपये मिले जिससे कुछ जगहों पर गड्ढे ही भरे जा सके। वाहनों की आवाज से उन गड्ढों के आसपास अन्य गड्ढे हो गए और जो गड्ढे भरे गए थे वह भी दोबारा दम तोड़ गए। पिछले वर्ष सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कई बार मंत्रालय स्तर पर पत्राचार करके कैंट क्षेत्र की सड़कों सड़को के निर्माण का आग्रह किया, लेकिन जब कोई रिस्पांस नहीं मिला तो उन्होंने इस मामले को लोकसभा में शून्य काल में उठाया। इसके बाद शासन हरकत में आया और करीब 16 करोड रुपये सड़क निर्माण के लिए ग्रैंट जारी की गई।
इसके बाद कैंट बोर्ड ने 60 सड़कों का निर्माण चुनावी वर्ष में कराया। इनमें करीब 20 सड़कों का निर्माण चुनाव आचार संहिता लगने के दौरान पूरा हो सका। माल रोड से लेकर माल रोड से लेकर कैंट बोर्ड क्षेत्र के गली मोहल्लों तक में सड़कों का निर्माण कार्य किया गया। इसके बाद लोगों ने राहत महसूस की हालांकि अभी भी फंड की कमी होने से अनेक सड़कों का निर्माण कार्य नहीं हो सका वहां के गड्ढे कैट बोर्ड को मुंह चढ़ा रहे हैं।
इन सड़कों की बदली काया
- माल रोड पर तीन भागों में हुआ सड़क निर्माण।
- सदर रवींद्रपुरी, जगन्नाथपुरी, गंज बाजार, ढोलकी मोहल्ला की सड़कों का हुआ निर्माण।
- चैपल स्ट्रीट का किया गया निर्माण।
- बैंकर स्ट्रीट का हुआ निर्माण।
- करिअप्पा रोड भी बनाई गई।
- सदर थाने के आगे की रोड का हुआ निर्माण।
- गुरु तेग बहादुर पब्लिक स्कूल से शहीद स्मारक तक की सड़क बनाई गई।
- वेस्ट एंड रोड का भी किया गया निर्माण।
- रजबन बड़ा बाजार की सड़क भी बनाई गई।
- हिल स्ट्रीट का भी किया गया निर्माण कार्य।

