- अतिक्रमण: तो झुग्गी-झोपड़ी, फल व सब्जी की ठेली, तिरपाल आदि हटवाने तक ही सीमित रहेगा अभियान
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नगर निगम के अधिकारी रसूखदारों पर खास मेहरबान हैं। रसूखदारों के अतिक्रमण को नहीं हटाया जा रहा हैं तथा गरीबों की झुग्गी-झोपड़ी पर बुलडोजर चल रहा हैं। गरीबों को बेघर किया जा रहा हैं, लेकिन बड़ा सवाल ये है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान नालों पर बने मकानों को क्यों नहीं गिराया जा रहा हैं? निगम ने शहर में 500 से अधिक झुग्गी-झोपड़ी पर बुलडोजर चलाया,
लेकिन रसूखदारों के अवैध अतिक्रमण को नहीं तुड़वाया। गंभीर आरोप भी निगम के अधिकारियों पर लग रहे हैं। निगम ने एक टीम भी अतिक्रमण हटाने के लिए गठित कर रही हैं, उस टीम पर लाखों रुपये खर्च किये जा रहे हैं, इसके बावजूद रसूखदारों पर खास मेहरबानी की जा रही है।
नगर निगम के द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन करीब एक सप्ताह से जो यहा अतिक्रमण हटाओ अभियान चल रहा है। वह केवल सड़क किनारे जो अतिक्रमण झुग्गी, झोपड़ी एवं तिरपाल आदि डालकर कुछ लोगों के द्वारा किया हुआ है। उसको ही हटाया जा रहा है, लेकिन कुछ ऐसे भी बड़े कब्जा धारक एवं अतिक्रमण करने वाले हैं। जिन्होंने पक्के अतिक्रमण कर लिये हैं,

लेकिन टीम उन क्षेत्रों में अभी तक नहीं पहुंच सकी। अब तक चले अभियान से तो लगता है कि केवल निगम के द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान के रिकॉर्ड के कॉलम को पूरा करने के लिये खानापुर्ति मात्र चलाया जा रहा है। नगर निगम के मुख्य अतिक्रमण अधिकारी डा. पुष्पराज गौतम के नेतृत्व में टीम के द्वारा महानगर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें यह अभियान करीब एक सप्ताह से रुक-रुककर चल रहा है। स्थानीय लोगों के द्वारा अभियान के दौरान पक्षपात का भी आरोप लगाया जा रहा है।
शुक्रवार को भी अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। जिसमें कुछ लोगों के द्वारा सड़क किनारे बांस, बल्ली व तिरपाल आदि के सहारे किया गया अतिक्रमण उसे टीम के द्वारा हटवाया गया। इस दौरान टीम ने कुछ लोगों से जुर्माना भी वसूला। टीम के द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान आईटी रोड पर चलाया गया। इस दौरान टीम में जेपी मलिक, हरेंद्र मलिक, यशपाल, रूद्रेश कुमार आदि शामिल रहे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह अभियान अभी छोटे वर्ग के लोगों पर कार्रवाई के लिये चलाया हुआ लग रहा है। अभी तक महानगर में किसी बडेÞ कब्जे धारक के खिलाफ अतिक्रमण हटाओ अभियान चलता एवं जुर्माना वसूली की कार्रवाई होती दिखाई नहीं दी। यदि बडे स्तर एवं पक्का निर्माण आदि कर जिन लोगों ने अतिक्रमण किया है, यदि उसे टीम बिना पक्षपात पूर्ण तरीके से हटवाती है। तभी यह अभियान सफल माना जायेगा, नहीं तो केवल खानापूर्ति के लिये चलाया जाने वाला अभियान माना जायेगा।

