- भाजपाइयों और पारिवारिक मित्रों को थाने में रही पूरी छूट, मीडिया पर पहरा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: होटल हारमनी इन के मालिक नवीन अरोरा समेत छापे में गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपियों को नौचंदी थाना की हवालात में घर जैसा अहसास कराया गया। हवालात में उन्हें वीआईपी ट्रीटमेंट दिया गया। हवालात के भीतर घर का खाना व कपडेÞ सभी मुहैय्या कराए गए। पुलिस ने करीबियों को थाने में पूरी छूट दी। उन्हें हवालात तक आने जाने दिया जा रहा था। उनके लिए कोई रोक टोक नहीं थी, लेकिन मीडिया पर पूरी सख्ती की जा रही थी।
माइक से एनाउंस के बाद हाल में अंधेरा
बताया जाता है कि पुलिस के आने की खबर मिलने के बाद हाल में अंधेरा कर दिया गया। लोगों को तेजी से बाहर निकाल दिया गया। वहीं दूसरी ओर छापे में करीब डेढ करोड़ के कॉइन तो बरामद किए गए हैं, अब अंदाजा लगा लीजिए कि कितनी बड़ी रकम का जुआ खिलवाया जा रहा था। सूत्रों की मानें तो करीब 10 करोड़ का जुआ फ्लोर पर था। इतनी बड़ी रकम के जुए के पीछे का कारण दिल्ली व मुंबई से बार-बालाओं को बुलाया गया। रंगीन तबीयत वाले इस अवैध कसीनों में बार-बालाओं की वजह से ही जुटा करते थे।
सीसीटीवी कैमरों की फुटेज बड़ा सबूत
छापे के वक्त होटल में कितने लोग थे और कौन क्या कर रहा था, यह सब सीसीटीवी में कैद है। इसकी फुटेज पुलिस के लिए बड़ा सबूत हो सकती है। अगर इससे कोई छेड़छाड़ न की गयी हो तो। यहां यह भी सवाल है कि छापे के वक्त लड़कियों समेत 35 को हिरासत में लिया गया। फिर रिपोर्ट में संख्या आठ कैसे रह गई? नौचंदी पुलिस को इस पूरी कार्रवाई से दूर रखा गया। नौचंदी पुलिस को भनक तक नहीं लगने दी गयी। दूसरे थानों की पुलिस और सीओ को बुलाकर छापा डलवाया गया।
अफसरों का सीक्रेट लीक
होटल हारमनी इन में अवैध रूप से चल रहे कसीनों पर कार्रवाई को टॉप सीक्रेट रखा गया था। इसमें नौचंदी पुलिस को शामिल नहीं किया गया था, इसके बाद भी छापे से पहले पुलिस के पहुंचने की सूचना लीक हो गयी। जिसका नतीजा ये हुआ कि वहां 100 टेबल पर मौजूद करीब 250 लोगों को सुरक्षित निकाल दिया गया। पुलिस को केवल 35 लोग मिले, जिनमें से 15 को हिरासत में लिया गया और नवीन अरोरा समेत आठ पर मुकदमा लिखा गया।
जीप पर चढ़कर हंगामा, थाने से मांगी जमानत
होटल हारमनी इन प्रकरण के आठों आरोपियों को थाने से जमानत के लिए पारिवारिक मित्रों व भाजपाइयों ने थाने में जमकर हंगामा किया। इसमें पंजाबी समाज के लोग भी शामिल रहे। हुआ ये कि दिनभर तो एफआईआर में शामिल होटल मालिक नवीन अरोड़ा, चिराग तनेजा, अमित चांदना, राजीव, कपड़ा व्यापारी मोहित नौचंदी थाने की हवालात में रहे। करीबियों का उम्मीद थी कि शायद थाने से जमानत मिल जाएगी। इसके लिए सिफारिशी फोन भी होते रहे। उम्मीद की जा रही थी कि थाने से जमानत मिल जाएगी पर ऐसा न हो सका।
सभी आठ आरोपियों को हवालात से निकालकर जीप में बैठाकर जब पुलिस वाले चलने लगे तो वहां मौजूद लोगों ने पुलिस की जीप घेर ली। उस पर जा चढेÞ। उनका तर्क था कि जब जमानती धाराएं लगायी गयी हैं तो फिर कोर्ट में ले जाने का क्या मतलब? थाने से ही जमानत दी जाए। एसओ मेडिकल का कहना था कि इस संबंध में अधिकारियों के निर्देशानुसार काम किया जा रहा है। यदि कोई आपत्ति है तो अधिकारियों से बात कर लें। हंगामा करने वालों ने एसएसपी से कोई बात करने से मना कर दिया। कुछ ने एडीजी से जरूर मिले।

