जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पंजाब इन दिनों भीषण बाढ़ और बारिश की मार झेल रहा है। राज्य के 12 जिलों में अब तक 2 लाख 56 हजार लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि 29 लोगों की मौत हो चुकी है। करीब 94,000 हेक्टेयर फसल बर्बाद हो चुकी है, जिसमें सबसे ज्यादा नुकसान मानसा जिले में हुआ है।
मौसम विभाग ने 7 सितंबर तक बूंदाबांदी के आसार जताए हैं। अब तक पंजाब में 470 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जोकि सामान्य से 30% अधिक है।
राज्यपाल ने किया फिरोजपुर दौरा, राहत कार्यों की समीक्षा
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने मंगलवार सुबह फिरोजपुर का दौरा किया। उन्होंने जिला प्रशासन के साथ बैठक कर बाढ़ की स्थिति, राहत कार्यों और पुनर्वास उपायों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समय पर सहायता और समन्वय सुनिश्चित किया जाए।
BSF और ग्रामीणों की देशभक्ति का संगम
फिरोजपुर के बाढ़ प्रभावित गांवों में जब हालात बिगड़े तो BSF के जवान गांव-गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर सतलुज दरिया पर बने बांध की रक्षा का संकल्प लिया।
BSF के अधिकारियों ने कहा “हम बांध को एक इंच भी नुकसान नहीं पहुंचने देंगे।” ग्रामीणों और जवानों ने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाते हुए पूरे जोश के साथ बांध को बचाने के कार्यों में योगदान दिया।
युवराज सिंह ने जताई संवेदना
पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह ने सोशल मीडिया पर कहा “पंजाब मेरा घर और आत्मा है। इस बाढ़ की तबाही को देखना बेहद दर्दनाक है। मेरी संवेदनाएं हर उस परिवार के साथ हैं जिसने कुछ खोया है। आप अकेले नहीं हैं।”
दमदमा साहिब में बाढ़ के लिए अरदास
बठिंडा के तलवंडी साबो स्थित तख्त श्री दमदमा साहिब में बाढ़ पीड़ितों के लिए विशेष अरदास की गई। संगत ने सरबत के भले की दुआ मांगी और बाढ़ की विभीषिका से राहत के लिए प्रार्थना की।
मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने की सालभर की सैलरी दान
पंजाब सरकार के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए अपनी एक साल की तनख्वाह, यानी ₹12 लाख, मुख्यमंत्री राहत कोष में दान कर दी। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान को चेक सौंपते हुए कहा “यह समय राजनीति का नहीं, इंसानियत का है। हम सभी को मिलकर ज़रूरतमंदों के साथ खड़ा होना चाहिए।”
सरकारी और सामाजिक संगठनों से अपील
मंत्री ने कहा कि यह आपदा सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने हर वर्ग से राहत और पुनर्वास कार्यों में योगदान देने की अपील की।
स्थिति गंभीर, लेकिन हौसला बुलंद
हालात भले ही कठिन हों, लेकिन प्रशासन, ग्रामीण और सुरक्षा बल मिलकर इस आपदा से लड़ रहे हैं। लोग एकजुटता और सेवा भाव के साथ मोर्चे पर डटे हैं।

