जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: तमिलनाडु की टीवीके (TVK) सरकार ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) के रूप में ज्योतिषी रिकी राधन पंडित की नियुक्ति को रद्द कर दिया है। यह फैसला उनकी नियुक्ति के महज एक दिन बाद भारी विरोध और राजनीतिक आलोचनाओं के कारण लिया गया।
नियुक्ति रद्द करने का आदेश
सरकार के प्रधान सचिव ने 13 मई को आदेश जारी किया, जिसमें कहा गया कि रिकी राधन पंडित की ओएसडी के रूप में नियुक्ति तत्काल प्रभाव से रद्द की जाती है। रिकी राधन पंडित न केवल एक ज्योतिषी हैं, बल्कि वे टीवीके पार्टी के प्रवक्ता भी हैं। चुनाव प्रचार के दौरान वे मुख्यमंत्री के बेहद करीबी सहयोगी रहे हैं।
विपक्ष ने जताया कड़ा विरोध
इस नियुक्ति को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर तीखे हमले किए। एआईएडीएमके (AIADMK) के राज्यसभा सांसद आईएस इनबदुरई ने सोशल मीडिया पर तंज करते हुए कहा कि ज्योतिषी अपनी खुद की किस्मत का अंदाजा नहीं लगा पाए और विजय सरकार के बुरे दिन शुरू हो गए हैं। वहीं, डीएमके (DMK) के प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने कहा कि एक ज्योतिषी केवल भविष्यवाणी कर सकता है, लेकिन सरकार चलाने के लिए नियमों और प्रशासनिक समझ रखने वाला सलाहकार जरूरी होता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अपनी पार्टी से ज्यादा ज्योतिषी पर भरोसा कर रहे हैं।
विधानसभा में हंगामा
विधानसभा में भी इस मुद्दे पर काफी हंगामा हुआ। डीएमके के सहयोगी दल एमजेके (MJK) के अध्यक्ष थमीमुन अंसारी ने कहा कि सरकार में ज्योतिष के फार्मूले शामिल नहीं होने चाहिए। उनका कहना था कि व्यक्तिगत विश्वास अलग है, लेकिन इसे सरकारी कामकाज में नहीं लाना चाहिए। डीएमडीके (DMDK) की महासचिव प्रेमलता विजयकांत ने भी इस नियुक्ति की कड़ी निंदा की।
टीवीके सरकार ने फ्लोर टेस्ट में बहुमत साबित किया
इन विवादों के बीच, टीवीके सरकार ने बुधवार को विधानसभा में अपना बहुमत साबित कर दिया। फ्लोर टेस्ट के दौरान सरकार को 144 विधायकों का समर्थन मिला। पार्टी और उसके सहयोगियों के पास सदन में कुल 120 विधायक थे, लेकिन एआईएडीएमके के बागी विधायकों के समर्थन से सरकार ने यह जीत हासिल की।

