- दो दिवसीय कार्यक्रम में पहुंचे केन्द्रीय मंत्री वीके सिंह, प्रदेश के परिवहन मंत्री दया शंकर
जनवाणी संवाददाता |
परतापुर: शताब्दीनगर स्थित माधवकुंज में शनिवार को भारतीय परिवहन मजदूर महासंघ का दो दिवसीय स्वर्णजयंती समारोह का आयोजन किया गया, जिसके मुख्य अतिथि केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री, सांसद व जनरल डा. वीके सिंह रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता के. वैंकट रमन ने की। तत्पश्चात मुख्यअतिथि जनरल वीके सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आज हम क्रांतिधरा पर एकत्र हुए हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय परिवहन मजदूर महासंघ वह संगठन है, जो भारत की नींव मजबूत करता है,जो देश के प्रति समर्पित है,परिवहन मामले में भारत प्रगति पर है। जिससे देश की आर्थिक स्थिति सुधरी है। कहा कि मजदूर व किसान के मजबूत कंधों से भारत विश्वगुरु बनेगा। परिवहन में नई टैक्निालॉजी आनी चाहिए, तेल के आयात को कम करना है, फ्लैक्स इंजन की नीति लानी है जिससे अर्थव्यवस्था में सुधार आएगा।
अब किसान अन्नदाता नहीं उजार्दाता बनेगा। विद्युत व हाइडोजन से चलने वाली गाडियां बनाई जा रही हैं। अच्छी सड़कें बनाने का प्रावधान है, जिसका बजट बढ़ाकर सात लाख करोड़ कर दिया गया। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस वे बनने से मेरठ से दिल्ली का सफर कम हुआ मेरठ के लोग दिल्ली आसानी से नौकरी कर सकते हैं।
बताया कि एक्सप्रेस वे बनाए जा रहे हैं, जिससे दिल्ली से अम्रतसर चार घंटे और मां वैष्णोदेवी के दर्शन मात्र छह घंटे में हो सकते हैं। एक्सीडेंट रोकने के प्रयास जारी हैं। टोल पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टोल के पैसे से मार्ग ठीक कराया जाता है। राज्य सडक परिवहन मंत्री दयाशंकर ने कहा कि मैं विद्यार्थी जीवन से भारतीय परिवहन मजदूर महासंघ का कार्यकर्ता रहा हंू।
मुझे नहीं पता था कि मैं इस विभाग का मंत्री बनकर आपके बीच आऊंगा। कहा कि मजदूर हित के लिए संगठन चलाए जाते हैं। मजदूर ही देश को चलाते हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी कर्मचारी, मजदूर मेरे पास आए तो मैं उससे मंत्री के रूप में नहीं मिलूंगा। कार्यकर्ता के रुप में मिलूंगा। आप मुझे सुझाव देंगे मैं उनपर अमल करुंगा। दयाशंकर ने कहा कि मैंने मंत्री पद संभालने के बाद संविदा कर्मियों का छह प्रतिशत वेतन बढ़ाया,चालक परिचालक को वर्दी जूता नहीं मिल रहा था वह दिलवाया।
नियमावली बनाने का काम शुरू करा दिया है। इस अवसर पर परिवहन विभाग के पदाधिकारी अनिल उपाध्याय, अंकुर राणा, राकेश कुमार सिंह, करतार सिंह, अवधेश शर्मा, राजीव श्रीवास्तव, सुभाष, हरीश, अनुपम, विनोद गुप्ता, रमाकांत आदि मौजूद रहे।

