Friday, March 20, 2026
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रघुनंदन ज्वेलर्स मालिकों के खिलाफ धोखाधड़ी और एससीएसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज

  • कूट रचित दस्तावेज कर धोखाधड़ी करना और करोड़ों की धनराशि निकालने का है मामला

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: शहर के प्रतिष्ठित रघुनंदन ज्वेलर्स के मालिकों के खिलाफ कूट रचित दस्तावेज कर धोखाधड़ी करना, करोड़ों की धनराशि निकालने और हरिजन एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया हैं। ये मामला सिविल लाइन थाने में कोर्ट के आदेश पर दर्ज किया गया है। इसमें रघुनंदन प्रसाद अग्रवाल के पुत्र राकेश प्रकाश अग्रवाल, सत्य प्रकाश अग्रवाल सर्राफ और सत्य प्रकाश अग्रवाल की पत्नी विनीता अग्रवाल, दिनेश गुप्ता और यूनियन बैंक आॅफ इंडिया के शाखा प्रबंधक अर्जुन जैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।

यह मुकदमा मनोज सेन की तरफ से दर्ज कराया गया है। न्यायालय स्पेशल जज की अदालत में 156(3) के तहत मनोज कुमार सेन पुत्र स्व. रामफल निवासी सिविल लाइन की तरफ से अदालत में अर्जी दी गई थी, जिसके बाद न्यायालय ने इस पर संज्ञान लेते हुए मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। दर्ज मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि प्रेमा सेन व उनके पुत्र अंकित सेन द्वारा आरोपियों के साथ मिलकर एक पार्टनरशिप डीड रियल एस्टेट का व्यापार करने के लिए तैयार की गई थी, जिसका नाम मैसर्स साधना एंटरप्राइजेज रखा गया था।

उक्त पार्टनरशिप डीड 21 फरवरी 2013 को तैयार की गई, जिसमें आरोपियों के साथ-साथ प्रार्थी की पत्नी प्रेमा सैन व पुत्र अंकित सेन के साथ साथ दो अन्य लोग भी मैसर्स साधना इंटरप्राइजेज में साझेदार थे। सभी के द्वारा पार्टनरशिप डीड पर हस्ताक्षर है। पार्टनरशिप डीड मनोज सेन की पत्नी और पुत्र दोनों मैसर्स साधना एंटरप्राइजेज में दर्द 10 प्रतिशत एवं 10 प्रतिशत के पाटर्नर थे, जिसमें करीब एक करोड़ 28 लाख 931 रुपए 89 पैसे मनोज सैन के लगे हुए थे।

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ऐसा दर्ज मुकदमें में कहा गया हैं। इस ग्रुप में एलआईसी साकेत के पास अपार्टमेंट्स का भी निर्माण कराया था। आरोप है कि नामजद आरोपियों ने बेईमानी करते हुए मनोज सेन की पत्नी और पुत्र के साथ अवैध तरीके से फ्लैटों को बेचना शुरू कर दिया, जो हिस्से में पैसा आता था वह नहीं दिया गया। इसी बीच मनोज सैन और उनकी पत्नी एक माह के लिए विदेश चले गए थे। एक माह बाद जब वे विदेश से लौटे तो आरोपियों द्वारा खाता संख्या 2534 021 036 2745 जो पंजाब नेशनल बैंक शाखा का है,

इसमें एक करोड़ से ज्यादा रुपये मनोज सेन की पत्नी प्रेमा सैन के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर ये धनराशि बैंक से निकाल ली। मनोज सेन का आरोप है कि इसके बाद फर्जीवाड़ा करते हुए इन लोगों ने एक नया बैंक एकाउंट मोदीपुरम में खोल लिया। जब इस फर्जीवाड़े का मनोज सेन को पता चला तो उन्होंने इस बैंक में एक अर्जी लगाई तथा बैंक खाता सीज करने की मांग की। किसी भी तरह का लेन-देन अवैध बताया गया, फिर भी लेन-देन चलता रहा।

यही नहीं, जो लोग नामजद कराये गए हैं, उन्होंने मनोज सैन को जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया, जिसके बाद जान से मारने की भी धमकी दी। हरिजन एक्ट में भी मुकदमा दर्ज कराया गया हैं। हरिजन एक्ट में जो नया संशोधन हुआ हैं, उसके अनुसार पन्द्रह दिन के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी करना अनिवार्य हैं। इस मामले में पुलिस भी प्रतिष्ठित सर्राफ और उसके परिजनों को बचाने में जुट गई हैं, जिसको लेकर दलितों में आक्रोश हैं।

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