जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण पर तेजी के साथ काम चल रहा है। खिर्वा रोड पर लोहे के पुल का निर्माण कर दिया गया है। पुलों के निर्माण पर तेजी से काम चल रहा है। बागपत रोड, सरधना रोड तीनों स्थानों पर पुल पर कार्य चल रहा है। इनमें से बागपत रोड व खिर्वा-मेरठ मार्ग पर काम ज्यादा तेजी से चल रहा है।
इन पर लोहे के पुल का काम चल रहा है। उधर, ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के अंतर्गत अब मेरठ में भी माल ढुलाई स्टेशन बनेगा। केंद्र सरकार ने प्रोजेक्ट कार्यालय को प्रस्ताव भेजा है। इसके लिए जमीन का चिह्नीकरण भी शुरू कर दिया गया है। सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने भी इसकी मांग उठाई थी।
माल ढुलाई स्टेशन खुर्जा व सहारनपुर में बनाए जा रहे हैं। न्यू मेरठ कैंट के नाम से बनाए जा रहे पासिंग स्टेशन के पास जमीन उपलब्ध है। यहां साइडिंग स्टेशन बनाया जा सकता है। प्रोजेक्ट मैनेजर जेपी गोयल का कहना है कि सरकार की ओर से मेरठ में साइडिंग स्टेशन बनाने का प्रस्ताव आ गया है। उसके तहत जमीन का चयन किया जा रहा है। दौराला व सकौती के बीच में न्यू मेरठ कैंट का विस्तार करके साइडिंग स्टेशन बना दिया जाएगा। जमीन किसानों से लेने की प्रक्रिया तहसील सरधना के अधिकारी कर रहे हैं।
दो किमी लंबा होता है साइडिंग स्टेशन
इस प्रोजेक्ट मैनेजर जेपी गोयल है। उनका कहना है कि साइडिंग स्टेशन अलग-अलग लंबाई के होते हैं। सर्वे से पता लगाया जाएगा कि कितने बड़े स्टेशन की जरूरत है। फिर भी दो किमी की लंबाई में स्टेशन का क्षेत्र होता है। माल उतारने-चढ़ाने के अलग-अलग ब्लॉक बनते हैं। इसलिए दो हजार वर्ग मीटर से अधिक जमीन की जरूरत पड़ती है।
जून-2022 में पूरा होगा कॉरिडोर
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को पूरा करने का लक्ष्य वैसे तो जून-2021 है, लेकिन लॉकडाउन की वजह से छह माह का विस्तार मिल गया है। कई स्थानों पर जमीन अधिग्रहण में देरी हुई, इसलिए इसका समय बढ़ाकर जून 2022 कर दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि मार्च 2022 तक कॉरिडोर का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।
इस मेरठ और आसपास के व्यापारियों को माल लोड, अनलोड के लिए सुविधा मिलेगी। रेल मंत्रालय मेरठ में इसके लिए स्टेशन बनाने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। इस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर वेस्ट यूपी में खुर्जा से सहारनपुर के बीच प्रस्तावित है। इस पर तेजी से काम चल रहा है। इस बीच व्यापारियों को पता चला कि मेरठ और आसपास में कोई स्टेशन प्रस्तावित नहीं है तो सुविधा नहीं मिल सकेगी।

