- पांच फीट गाद, जल में है सांप, गगोल कुंड पर छठ पूजा पर भारी संख्या में स्नान को पहुंचते हैं व्रती, इस बार नहीं हो सकी सफाई
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: आस्था के पर्व छठ पूजा पर गगोल तीर्थ पर इस साल व्रती कुंड में पांच फीट तक जमी गाद व कीचड़ और बडेÞ-बडेÞ सांपों के साथ स्नान करने को मजबूर होंगे। गगोल कुंड की छठ पूजा से पहले और बाद में सफाई कराए जाने का रिवाज रहा है, लेकिन इस बार छट पूजा से पहले की जाने वाली सफाई को लेकर आयोजकों के स्तर से गंभीर लापरवाही बरती गयी। कुंड में भारी काई जमीन हुई है। यहां तक कि कुंड जिसमें स्नान किया जाता है।
उसका जल हरे कांच की मानिंद नजर आता है। कुंड में भरे हुए जल और उसमें फैली गंदगी को देखकर नहीं लगता कि आसानी से स्नान की हिम्मत कोई जुटा सकेगा। एक तो कुंड का गंदा जल और दूसरे उसमें सांप सरीखे जीव, रही सही कसर कुंड में जमी गाद ने पूरी कर दी। हर साल तो यहां छठ पूजा के स्नान से पहले कुंड का जल बदल दिया जाता था, लेकिन इस साल जल नहीं बदला जा सका।
बड़ी संख्या में सांप और अन्य जलीय जीव
गगोल तीर्थ की देखभाल करने वाले स्वामी शिवदास ने बताया कि इस कुंड में बडेÞ-बडेÞ सांप, 10-10 किलो वजन की मछलियां और दूसरे जलीय जीव हैं। उन्होंने बताया कि प्रति दिन इस कुंड में डेढ़ कुंतल आटा मछलियों को जिमाने के नाम पर डाल दिया जाता है। एक दिन में जब एक से डेढ़ कुंतल आटा फेंका जाएगा तो कुंड की दशा क्या होगी, आसानी से समझा जा सकता है।
उन्होंने बताया कि हर दिन 200 से 500 लोग यहां आते हैं। इतनी तो यहां मछली भी नहीं है कि जिमाने के नाम पर जितना आटा व ब्रेड यहां लोग फेंक देते हैं। उन्होंने बताया कि हर साल छठ पूजा से पहले और बाद में कुंड को एक तरफ से टयूबवेल का पानी चलाकर दूसरी ओर से गंदा पानी बाहर निकालकर सफाई करायी जाती रही है, लेकिन इस बार पहले होने वाली सफाई नहीं करायी जा सकी।
नगरायुक्त पहुंचे, सुधरे हालत
नगरायुक्त सौरभ गंगवार व नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. हरपाल सिंह बुधवार को गगोल तीर्थ पहुंचे। कुंड व उसमें भरे जल की दशा देखकर आनन-फानन में निगम से कर्मचारी बुलाकर युद्धस्तर पर सफाई अभियान चलाया। कुंड की पेड़ियों पर जो काई जमी थी उसको हटवाया गया, लेकिन बाहर फेंकने के बजाए इस गंदगी को कुंड में बहा दिया गया। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि व्रती जब स्नान को पहुंचेंगे तो कैसा कुंड मिलेगा।
रातोंरात लगीं स्ट्रीट लाइटें
कुंड व मेला स्थल की ओर जाने वाले रास्तों पर पथ प्रकाश व्यवस्था करने के लिए नगरायुक्त के निर्देश पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. हरपाल सिंह ने रातों रात पथ प्रकाश व्यवस्था का इंतजाम कराया। तीर्थ क्षेत्र के आसपास उगी झाड़ियां पसरी गंदगी को साफ कराया गया। जब कहीं जाकर व्रतियां के पूजन लायक गगोल तीर्थ बन सका।

